
उज्जैन।पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सोमवार को छठी सवारी में शामिल होने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने भगवान महाकाल के नाम एक चिट्ठी लिखी। जिसमें उन्होंने जिक्र किया कि मेरा मध्य प्रदेश भ्रष्टाचार के दलदल में डूबता जा रहा है। भ्रष्टाचार की जननी भारतीय जनता पार्टी है।
भगवान महाकालेश्वर के नाम लिखी गई कमलनाथ द्वारा इस पाती में उन्होंने न केवल भाजपा को भ्रष्टाचार की जनानी बताया बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराने की शिकायत भी भगवान महाकाल से की। इस चिट्ठी में कमलनाथ मध्य प्रदेश को भाजपा से मुक्त करने की प्रार्थना महाकाल से की। सोशल मीडिया में कमलनाथ की यह चिट्ठी वायरल होने के बाद उज्जैन से लेकर भोपाल तक की सियासत गरमा गई। कमलनाथ के भगवान महाकाल के नाम इस मार्मिक पत्र को भाजपा ने चुनावी स्टंट करार दिया।

यह था महाकाल के नाम चिट्ठी का मजमून...
भगवान महाकाल को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने चिट्ठी में लिखा कि...मैं मध्य प्रदेश की समस्त दुखियारी प्रजा की ओर से आपसे अरज करता हूं कि मेरा मध्यप्रदेश भ्रष्टाचार के दलदल में डूबता जा रहा है..भ्रष्टाचार की जननी पार्टी (बीजेपी) के 50 प्रतिशत के कमीशन राज के घोटाले में किसी को नहीं छोड़ा है।
गर्भवती महिलाओं के पोषण आहार से लेकर प्रभु स्वयं आपके महाकाल लोक के निर्माण में भ्रष्टाचार हुआ है ।पूरी प्रजा इस कमीशन राज से त्राहि-त्राहि कर रही है..।
जो इस अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाता है उस पर झूठे मुकदमे डाल दिए जाते हैं और हर तरह से प्रताड़ित किया जा रहा है आप मध्य प्रदेश के प्रजा को इस भ्रष्ट राज से मुक्ति दिलाएं अपराधियों को दंड दें और समस्त प्रजा का कल्याण करें।
-आपका चरण सेवक कमलनाथ