
रवि शंकर त्रिपाठी ( विजय वर्मा ) यूपीएससी की तैयारी में असफल हो जाते हैं ऐसे में उत्तर प्रदेश दरोगा का एग्जाम निकाल लेते हैं और दरोगा बन जाते हैं। एक अध्यापक का बेटा जिसे पुलिस विभाग का भ्रष्ट और चापलूस चेहरा देख लेने के बाद, नौकरी से रिजाइन देने के लिए एक लेटर लिखता हैं। उसी दौरान शहर में पारुल चतुर्वेदी ( श्वेता त्रिपाठी ) के उपर एसिड फेंक दिया जाता है। रवि शंकर त्रिपाठी का इस्तीफा नामंजूर हो जाता है और केस इन्हे ही सौंप दिया जाता है।
गोपाल दत्त सीनियर इंस्पेक्टर की भूमिका में हैं जो रवि शंकर त्रिपाठी को हमेशा ट्रिगर करता रहता है कि बेटा तुमसे ना हो पाएगा। सीनियर होने का खूब फायदा उठा के मा बहन की गलियां देता रहता है।
यह वेब सीरिज पांच घंटे के आस पास की हैं धीरे धीरे बढ़ती हैं कहानी मगर ट्विस्ट के साथ। कई दिन बाद कोई ढंग की हिंदी वेब सीरिज देखने को मिली हैं।
इसमें पितृसत्ता, लिंगभेद, महिला अधिकार के मुद्दों को ठीक से छुआ गया हैं लेकिन उसका निपटारा नहीं करते दिखाया गया है। एक मुस्लिम महिला का अर्जी देना ताकि सभी महिलाओं को भी सामूहिक नमाज़ पढ़ने का मौका मिले, कम उम्र में प्यार के चक्कर में पड़ कर ऑबार्सन करवाना हो या इनकी बेटी पैदा होने पर उसे जिंदा नदी में फेंक देना जैसे दृश्यों को दिखाया गया हैं।
एक सीन में जब इंस्पेक्टर जगदीश ( गोपाल दत्त ) और विजय वर्मा केस के सिलसिले में जा रहे होते है। तब जीप में कश्मीर की कली फिल्म का गीत बज रहा होता है।
तब फिरकी लेते हुए जगदीश पूछता है , कुछ जानते भी हो कश्मीर के बारे में ?
तब विजय वर्मा पूछता हैं कश्मीर की कली फिल्म 1994 के पहले आई थी या बाद में ?
जगदीश बताता है 1964 में आई थी ..!
तब विजय बताता हैं ....1994 में कश्मीर में बुर्का कंपलसरी कर दिया गया, ना पहनने वाली औरतों को जान से मारने का आदेश दे दिया था। ऐसे में एक एक बुर्का दो दो हज़ार का बिका था..!
ये सुनकर जगदीश का इगो हर्ट होता है और अगले सीन में बोलता हैं जीप तुम चलाओ बेटा, मर्द का जब इगो हर्ट होता है तब वो ऐसे ही बुर्का दो हजार का बिकवाता हैं !
सीमा विश्वास का काफी अच्छा रोल हैं विजय वर्मा की मां के रोल में है। क्या शानदार एक्टिंग किया हैं सीमा जी ने। देख कर ऐसा लगेगा हमारे ही घर की कोई महिला हैं। हेड कांस्टेबल की भूमिका में यशपाल शर्मा हैं। कुछेक सीन में गंगाजल का सुंदर यादव वाला एक्सेंट डाल दिए है।
कालकूट जियो सिनेमा पर उपलब्ध हैं और इसकी आईएमडीबी रेटिंग 8.3 है|