
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 17 फरवरी 2026 को बारामती विमान हादसे की जाँच के संदर्भ में एक विज्ञप्ति जारी की थी, उसी क्रम में नागरिक विमानन मंत्रालय ने एक बार पुनः कहा कि "28 जनवरी 2026 को बारामती में हुए लेयरजेट 45 (वीटी-एसएसके) दुर्घटना की जांच विमान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) द्वारा विमान (दुर्घटनाओं और घटनाओं की जांच) नियम, 2025 और आईसीएओ अनुलग्नक 13 में निहित मानकों और अनुशंसित प्रथाओं (एसएआरपी) के अनुसार सख्ती से की जा रही है।"
नागरिक विमानन मंत्रालय ने अपनी नई विज्ञप्ति बताया कि विमान में दो स्वतंत्र उड़ान रिकॉर्डर लगे थे। एल3 कम्युनिकेशंस द्वारा निर्मित डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (डीएफडीआर) को नई दिल्ली स्थित एएआईबी की सुविधा केंद्र में सफलतापूर्वक डाउनलोड कर लिया गया है। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) को तापीय क्षति हुई है। चूंकि यह हनीवेल द्वारा निर्मित है, इसलिए आईसीएओ अनुलग्नक 13 के पैरा 5.7 और अनुलग्नक डी के अनुसार, डिजाइन/निर्माण राज्य से तकनीकी सहायता मांगी गई है।
एएआईबी की जांच तकनीकी और साक्ष्य-आधारित है, जिसमें मलबे की व्यवस्थित जांच, परिचालन और रखरखाव अभिलेखों की जांच और आवश्यकतानुसार घटकों का प्रयोगशाला परीक्षण शामिल है। आईसीएओ के मानदंडों के अनुसार, घटना के 30 दिनों के भीतर एक प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की जाएगी और अंतिम रिपोर्ट उचित समय पर जारी की जाएगी।
ऑपरेटर की नियामक निगरानी
2025 के दौरान, नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने गैर-निर्धारित उड़ानों के 51 नियामक ऑडिट किए। इसके अतिरिक्त, मेसर्स वीएसआर वेंचर्स की उड़ान सुरक्षा प्रणालियों, उड़ान कार्य समय सीमाओं, रखरखाव अनुपालन (सीएआर एम और सीएआर 145), दस्तावेज़ीकरण और स्टेशन सुविधाओं जैसे क्षेत्रों में कई निगरानी की गई। सभी निगरानी निष्कर्षों का समाधान कर दिया गया और मामले बंद कर दिए गए।
दुर्घटना के उपरांत विशेष ऑडिट
दुर्घटना के बाद, मंत्रालय ने डीजीसीए को मेसर्स वीएसआर वेंचर्स का विशेष ऑडिट करने का निर्देश दिया ताकि नियामक अनुपालन, परिचालन नियंत्रण प्रणाली, रखरखाव प्रक्रियाओं, चालक दल प्रशिक्षण मानकों, सुरक्षा प्रबंधन प्रणालियों और सीवीआर/एफडीआर निगरानी की व्यापक समीक्षा की जा सके। ऑडिट 4 फरवरी 2026 को शुरू हुआ और जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है। निष्कर्षों की समीक्षा की जाएगी और डीजीसीए की प्रवर्तन नीति और प्रक्रिया नियमावली के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, मंत्रालय ने डीजीसीए को वीआईपी/वीवीआईपी संचालन में लगे अन्य प्रमुख गैर-निर्धारित ऑपरेटरों तथा एयरोड्रोम्स का विशेष ऑडिट करने का निर्देश दिया है। ये ऑडिट चरणबद्ध तरीके से किए जा रहे हैं और जहां भी आवश्यक होगा, उचित प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी।
नागरिक विमानन मंत्रालय ने ये अपील की कि "मंत्रालय और उसके नियामक निकाय पारदर्शिता, सुरक्षा निगरानी और जवाबदेही के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। हितधारकों से अनुरोध है कि वे अटकलों से बचें और वैधानिक जांच और नियामक प्रक्रियाओं को निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार आगे बढ़ने दें"।