
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को खरीदने की मांग से डेनमार्क परेशान है तो वहीं दूसरी ओर नाटो में भी इस बात को लेकर एकजुटता नहीं है। इस सब के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि उन्हें इस मुद्दे की कोई चिंता नहीं है।
बुधवार रात को नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की मीटिंग में टीवी पर दिए गए अपने बयान में पुतिन ने कहा, "ग्रीनलैंड का क्या होता है, इससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है।"
"पुतिन ने कहा कि डेनमार्क ने ग्रीनलैंड को हमेशा एक कॉलोनी की तरह माना है। डेनमार्क ने ग्रीनलैंड के साथ क्रूरता नहीं की है किन्तु वह उसके साथ काफी सख्ती रहा है। लेकिन अब यह मामला पूरी तरह से अलग है, और मुझे नहीं लगता कि अभी इसमें किसी की दिलचस्पी है।
"इस मुद्दे से हमारा निश्चित रूप से कोई लेना-देना नहीं है। मुझे लगता है कि वे इसे आपस में सुलझा इसे लेंगे,"पुतिन ने कहा और याद दिलाया कि 1917 में डेनमार्क ने वर्जिन आइलैंड्स को यूनाइटेड स्टेट्स को बेच दिया था।
पुतिन ने यह भी याद दिलाया कि 1867 में रूस ने अलास्का को यूनाइटेड स्टेट्स को 7.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर में बेच दिया था।