
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 वर्तमान में नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित की जा रही है। यह शिखर सम्मेलन भारत की एआई क्षमता और ग्लोबल साउथ में इसके नेतृत्व को प्रदर्शित करने वाला एक ऐतिहासिक कार्यक्रम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 19 फरवरी को नई दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का दौरा करेंगे और इसका उद्घाटन करेंगे।
समिट की मुख्य विशेषताएं
यह आयोजन 16 फरवरी से 20 फरवरी 2026 तक चल रहा है। इस वर्ष की थीम "सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय" (सभी का कल्याण, सभी का सुख) रखी गई है, जो एआई के समावेशी और जिम्मेदार उपयोग पर केंद्रित है।
प्रमुख बिंदु
ग्लोबल साउथ का नेतृत्व: यह ग्लोबल साउथ में आयोजित होने वाला अपनी तरह का पहला वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन है।
दिग्गजों की भागीदारी: इस समिट में दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्ष, नीति निर्माता और टेक दिग्गज हिस्सा ले रहे हैं। मुख्य वक्ताओं और अतिथियों में शामिल हैं:
सुंदर पिचाई (Google CEO)
सैम अल्टमैन (OpenAI CEO)
जेन्सेन हुआंग (Nvidia CEO)
एंटोनियो गुटेरेस (UN महासचिव)
इमैनुएल मैक्रों (फ्रांस के राष्ट्रपति)
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड: समिट के दौरान 'रिस्पॉन्सिबल एआई' अभियान के तहत 24 घंटे में 2,50,946 से अधिक शपथ प्राप्त कर भारत ने एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है।
तीन मुख्य सूत्र: यह शिखर सम्मेलन तीन स्तंभों पर आधारित है: लोग, ग्रह , और प्रगति।
मुख्य कार्यक्रम और एक्सपो
इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026: इसमें 300 से अधिक प्रदर्शनी स्टाल और 600 से अधिक स्टार्टअप्स भाग ले रहे हैं, जो स्वास्थ्य, कृषि और शासन में एआई के नवाचारों को दिखा रहे हैं।
फ्लैगशिप चुनौतियाँ: समिट के दौरान तीन प्रमुख चुनौतियाँ— AI for ALL, AI by HER, और YUVAi के विजेताओं की घोषणा की जा रही है।
सुरक्षा और प्रशासन: चर्चा का एक बड़ा हिस्सा एआई गवर्नेंस, सुरक्षा ढांचे और डेटा सुरक्षा पर केंद्रित है।
प्रधानमंत्री मोदी का "AI for Bharat" विजन
आज (19 फरवरी) उद्घाटन भाषण में प्रधानमंत्री ने कुछ बड़े लक्ष्यों की घोषणा की:
AI एथिक्स और सुरक्षा: भारत ने 'ग्लोबल एआई गवर्नेंस' फ्रेमवर्क का प्रस्ताव रखा है ताकि एआई का उपयोग विनाशकारी हथियारों या डीपफेक जैसी समस्याओं के लिए न हो।
कृषि में क्रांति: 'एआई-कृशक' प्रोजेक्ट की घोषणा की गई, जो उपग्रह डेटा का उपयोग करके किसानों को फसल की बीमारियों और सटीक सिंचाई की जानकारी देगा।
डिजिटल इंडिया 2.0: एआई को सरकारी सेवाओं में पूरी तरह एकीकृत करने का संकल्प लिया गया है।
'इंडिया एआई मिशन' (IndiaAI Mission) का विस्तार
सरकार ने इस समिट के दौरान 10,372 करोड़ रुपये के इंडिया एआई मिशन के तहत नए अपडेट साझा किए हैं:
GPU क्लस्टर: भारत अपनी खुद की कंप्यूटिंग शक्ति बढ़ाने के लिए 10,000 या उससे अधिक GPU का एक विशाल क्लस्टर स्थापित कर रहा है, ताकि स्टार्टअप्स को विदेशी सर्वर पर निर्भर न रहना पड़े।
भाषिणी (Bhashini): एआई के माध्यम से रीयल-टाइम अनुवाद सेवा को अब 22 आधिकारिक भाषाओं के साथ-साथ 100 से अधिक स्थानीय बोलियों तक विस्तारित किया जा रहा है।
टेक दिग्गजों की बड़ी घोषणाएं
समिट के दौरान वैश्विक कंपनियों ने भारत के लिए विशेष प्रतिबद्धताएं जताई हैं:
NVIDIA और Google: जेन्सेन हुआंग और सुंदर पिचाई ने भारत में 'एआई स्किलिंग' (AI Skilling) के लिए बड़े निवेश की घोषणा की है, जिसका लक्ष्य 20 लाख भारतीयों को एआई में प्रशिक्षित करना है।
OpenAI: सैम अल्टमैन ने भारतीय डेवलपर्स के लिए विशेष 'एआई इनोवेशन लैब' खोलने की बात कही है।
विशेष सत्र और चुनौतियाँ
AI by HER: इस सत्र में महिलाओं के नेतृत्व वाले 50 एआई स्टार्टअप्स को विशेष ग्रांट और मेंटरशिप देने की घोषणा हुई।
YUVAi (युवा एआई): स्कूल के छात्रों द्वारा बनाए गए टॉप 10 एआई मॉडल प्रदर्शित किए गए, जिसमें ग्रामीण स्वास्थ्य निगरानी के लिए बनाए गए एक प्रोटोटाइप को काफी सराहना मिली।
ग्लोबल साउथ की आवाज़
भारत ने इस समिट के जरिए खुद को "एआई के लोकतंत्रीकरण" के चैंपियन के रूप में पेश किया है। इसका मतलब है कि एआई तकनीक केवल अमीर देशों तक सीमित न रहे, बल्कि अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया के विकासशील देशों को भी इसका लाभ मिले।