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भारतीय ज्ञान परंपरा ने सदैव शिक्षा और सेवा को, राष्ट्र निर्माण का मूल आधार माना है : मंत्री परमार

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक, विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के गौरव हैं। उनका अनुशासन और सेवा भाव समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की अपार क्षमता रखता है। परमार ने कहा कि शिक्षा के साथ सेवा का भाव युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सच्चा योगदानकर्ता बनाता है।


उच्च शिक्षा मंत्री परमार रविवार को भोपाल स्थित निवास कार्यालय पर, गणतंत्र दिवस परेड-2026 में मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले चयनित राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवकों से भेंट कर सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मंत्री परमार से, माय-भारत राष्ट्रीय सेवा योजना राष्ट्रीय पुरस्कार 2022–23 से सम्मानित स्वयंसेवक सौमित दुबे एवं सुश्री आयुषी सिन्हा ने भी भेंट की। मंत्री परमार ने उनके प्रशस्ति पत्र एवं मेडल का अवलोकन कर, उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दीं।


उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने स्वयंसेवकों को मेडल एवं शॉल से सम्मानित किया। परमार ने समस्त स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे भारतीय ज्ञान परंपरा को आत्मसात करते हुए विकसित राष्ट्र के स्वप्न को साकार करने के लिए निरंतर कार्य करें। परमार ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, अनुशासन एवं नेतृत्व क्षमता ही भारत को विश्व पटल पर अग्रणी बनाएगी।


इस अवसर पर राज्य एनएसएस अधिकारी मनोज कुमार अग्निहोत्री, कार्यक्रम समन्वयक बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल डॉ अनंत कुमार सक्सेना तथा ईटीआई प्रशिक्षक राहुल सिंह परिहार, युवा अधिकारी डॉ राजकुमार वर्मा भी उपस्थित थे।

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