
3 Jun 2023
जांच के लिए महाकाल लोक पहुंची 2 सदस्य टीम
उज्जैन.दैनिक मालवा हेराल्ड | महाकाल लोक भ्रष्टाचार के आरोपों पर लोकायुक्त संगठन भोपाल ने पिछले दिनों स्वत संज्ञान लिया था। शनिवार को 2 सदस्य टीम जांच के लिए महाकाल लोग पहुंची। करीब 2 घंटे तक महाकाल लोक की प्रतिमाओं का निरीक्षण किया और भोपाल के लिए रवाना हो गई। 28 मई को आंधी तूफान से सप्त ऋषियों की 6 प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो गई थी जिसके बाद महाकाल लोक में भ्रष्टाचार के मामले में तूल पकड़ा था।
11 अक्टूबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा महाकाल की नगरी में महाकाल लोक का लोकार्पण करते हुए देशवासियों को सम्मिलित किया था। महाकाल लोक देश दुनिया में इस तरह प्रसिद्ध हुआ कि प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचने लगे थे। 28 मई को आंधी बारिश के बीच महाकाल लोक में लगी सप्त ऋषियों की 6 प्रतिमाएं गिरने के बाद क्षतिग्रस्त हो गई थी। मामले की गूंज भोपाल से दिल्ली तक सुनाई थी। कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार को लेकर मोर्चा खोल दिया। प्रतिमाएं गिरने के 1 दिन बाद महाकाल लोक में लगा 3 किलो वजनी गुंबद गिरने का मामला सामने आया। लगातार भ्रष्टाचार की बातें सामने आने पर मामले में लोकायुक्त चीफ जस्टिस वीके गुप्ता ने स्वत: संज्ञान लिया है। जिसके चलते शनिवार को भोपाल से लोकायुक्त संगठन के चीफ इंजीनियर एन एस जौहरी महाकाल लोक में लगी फाइबर रिइंफोर्समेंट प्लास्टिक से बनी प्रतिमाओं की जांच के लिए पहुंचे। संगठन की 2 सदस्य टीम ने स्मार्ट सिटी अधिकारियों के साथ सप्त ऋषियों की लगी प्रतिमाओं के स्थान की जांच करने के साथ अन्य निर्माण कार्यों की वीडियो फोटोग्राफी की है। लोकायुक्त टीम ने प्रतिमाओं के टेंडर, एग्रीमेंट और वर्क आर्डर की मूल प्रतियां उपलब्ध कराने को कहा है वही टेंडर बुलाने से लेकर मंजूर करने के साथ काम को किस तरह से पूरा किया गया और बिल पेमेंट कैसे हुआ इसकी मौजूदा स्थिति के बारे में भी जानकारी देने के लिए स्मार्ट सिटी के अधिकारियों को कहां है। महाकाल लोक में करीब डेढ़ से 2 घंटे तक जांच के बाद लोकायुक्त टीम भोपाल के लिए रवाना हो गए। उन्होंने मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। विदित हो कि महाकाल लोक का निर्माण कार्य शुरू होने के बाद से ही कांग्रेस में भ्रष्टाचार को लेकर मोर्चा खोल दिया था। कांग्रेस विधायक महेश परमार और कांग्रेस नेता लक्ष्मण सिंह पूर्व में ही लोकायुक्त को भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज करा चुके थे लेकिन जांच लंबित बनी हुई थी।
लोकायुक्त टीम के महाकाल लोग पहुंचने से पहले नगरीय विकास विभाग की टीम महाकाल लोक पहुंची थी। विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई के साथ नगर निगम आयुक्त रोशन कुमार सिंह, स्मार्ट सिटी के आशीष पाठक, महाकाल मंदिर समिति प्रशासक संदीप सोनी और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ महाकाल लोक का सामान्य संधारण, संचालन, मेंटेनेंस और सुरक्षा व्यवस्था का आकलन किया। प्रमुख सचिव मंडलोई ने मीडिया से कहा कि महाकाल लोक का संचालन, सुरक्षा संभाल रही संस्थाओं का शासन के साथ एमओयू हुआ है। जिसके चलते प्रतिमाओं और रखरखाव के साथ सुरक्षा व्यवस्था लंबे समय तक कायम रहे वही नागरिकों और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी ना हो एक को लेकर ठोस नीति बनाना है इसी के चलते प्रयास शुरू किए गए।