
इंदौर। सवर्ण समाज के आर्थिक रूप से कमजोर भर के विद्यार्थियों को 10% आरक्षण का लाभ देने और प्रदेश के पांच महानगरों में हॉस्टल की सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य सवर्ण समाज के पदाधिकारियों द्वारा इंदौर संभाग आयुक्त को ज्ञापन सोपा गया।
मध्य प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण वर्ग के बच्चों के लिए इंदौर में सवर्ण समाज द्वारा आंदोलन तेज कर दिया गया है। पिछले दिनों परशुराम सेवा द्वारा इसी मुद्दे को लेकर संभाग आयुक्त को ज्ञापन सोपा गया था, अब सवर्ण समाज द्वारा एक बार फिर से प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य समाज के बच्चों के लिए 10% आरक्षण और प्रदेश के पांच महानगरों में हॉस्टल निर्माण की मांग को लेकर एक बार फिर मंगलवार को इंदौर के संभाग आयुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया।
सवर्ण समाज के अनूप शुक्ला ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण समाज के कई बच्चे मेरिट लिस्ट में नंबर हासिल कर रहे हैं, लेकिन उन्हें उच्च शिक्षण संस्थानों में अत्यधिक फीस होने के कारण एडमिशन नहीं मिल पाते हैं, मेडिकल, इंजीनियरिंग, फैशन डिजाइनिंग, सहित कई ऐसे कोर्स है जिनमें सवर्ण समाज के बच्चे आर्थिक रूप से सक्षम न होने के कारण एडमिशन नहीं ले पाते हैं, जिसके लिए सरकार यदि इन्हें 10% आरक्षण का लाभ और न्यूनतम फीस का प्रावधान लाती है तो कमजोर वर्ग के कई बच्चों को इसका लाभ मिल सकेगा। शुक्ला ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को हर वर्ष ईडब्ल्यूएस का प्रमाण पत्र बनवाना होता है जो 1 वर्ष के लिए मान्य होता है यदि इस प्रमाण पत्र की वैद्यता 5 साल कर दी जाए तो आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को लाभ मिलेगा। इस प्रदर्शन के दौरान राजपूत समाज, अग्रवाल समाज, ब्राह्मण समाज, परशुराम सेना सहित कई संगठन इस प्रदर्शन में मौजूद रहे।