
12 Aug 2022
दीदियों ने ग्रामीण मध्यप्रदेश की जिन्दगी बदल दी : मुख्यमंत्री श्री चौहान
“हम गरीब नहीं रहेंगे” के प्रण का परिणाम है, स्व-सहायता समूहों की सफलता
प्रत्येक विकासखंड में लोक अधिकार केन्द्र स्थापित किए जाएँ
स्व-सहायता समूहों के लिए इस वर्ष 3 हजार करोड़ रूपए के बैंक लिंकेज का लक्ष्य
जेम पोर्टल पर रजिस्टर करें अपने उत्पाद
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मैं आजीविका मिशन की दीदियों की जिन्दगी बदलना चाहता हूँ, क्योंकि उन्होंने ग्रामीण मध्यप्रदेश की जिन्दगी बदल दी है। अब स्व-सहायता समूह से जुड़ी दीदियाँ किसी की मदद की मोहताज नहीं हैं। मिशन इस उद्देश्य से आरंभ किया गया था कि महिलाओं को अधिकार भी मिलें और उनकी जिन्दगी भी बदले। “हम गरीब नहीं रहेंगे” इस प्रण का परिणाम है स्व-सहायता समूहों की सफलता। महिलाओं में क्षमता, प्रतिभा, मेहनत करने का जज्बा है, सहायता और प्रोत्साहन के लिए योजनाओं की व्यवस्था है, इन सबके साथ राज्य सरकार की स्पष्ट मंशा हो, तो परिणाम सबके सामने है। हमारा उद्देश्य है कि स्व-सहायता समूह से जुड़ी प्रत्येक महिला को घर का काम और बच्चों का लालन-पालन करते हुए प्रतिमाह 10 हजार रूपए की आय हो। पिछले वर्ष स्व-सहायता समूहों के लिए 1500 करोड़ रूपये का बैंक लिंकेज उपलब्ध कराया गया था। इस वर्ष 3 हजार करोड़ रूपए की बैंक लिंकेज का लक्ष्य है। समूह की दीदियाँ अपने उत्पाद को जेम पोर्टल पर अवश्य रजिस्टर कराएँ। हमारा प्रयास है कि उनके उत्पादों की भारत ही नहीं दूसरे देशों में भी माँग हो। लोकल को वोकल बनाना हमारा लक्ष्य है। राज्य सरकार उत्पादों की ब्रांडिंग में भी हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी।