
उज्जैन.दैनिक मालवा हेराल्ड | केडी गेट से इमली तिराहा तक का मार्ग चौड़ा करने का काम रविवार सुबह शुरू हो गया। मार्ग पर 485 मकान बने हुए हैं। नगर निगम द्वारा 1 सप्ताह पहले ही जद में आने वाले मकानों पर लाल निशान लगा दिए थे। चौड़ीकरण का विरोध रहवासी और कांग्रेस द्वारा किया जा रहा है लेकिन नगर निगम में 4 माह में मार्ग को 50 फीट चौड़ा करने का काम शुरू कर दिया है।
वर्ष 2016 के बाद से ही केडी गेट से इमली तिराहे तक का मार्ग चौड़ा करने की कोशिश की जा रही थी लेकिन निर्णय नहीं लिया जा पा रहा था। अब नगर निगम और प्रशासन ने मिलकर मार्ग को चौड़ा करने की पूरी तैयारी कर ली है और रविवार से इसकी शुरुआत भी हो गई। नगर निगम का अमला सुबह 9 बजे केडी गेट पहुंचा। सप्ताह भर पूर्व हुए भूमि पूजन के बाद से ही रहवासी और कांग्रेस विरोध कर रही थी जिसके चलते मार्ग पर पुलिस बल तैनात किया गया और आवागमन पूरी तरह से रोक दिया गया। नगर निगम ने मार्ग पर बने मकानों पर लगाए गए निशान के आधार पर तुड़वाई का काम शुरू कर दिया। मकानों को तोड़ने के लिए नगर निगम में टेंडर जारी किया था। ठेकेदार के 50 कर्मचारियों ने मार्ग पर बने मकानों की ऊपरी मंजिल को तोड़ने का काम शुरू किया है। नगर निगम भवन अधिकारी अनिल कुमार जैन ने बताया कि 485 मकान चौड़ीकरण में आ रहे हैं जिसमें 8 मकान पूरी तरह से हटाए जाएंगे जिन्हें मुआवजा दिया जाएगा। अन्य मकानों को मुआवजे के रुप में एसएआर दिया जाएगा जिसके चलते मकानों में रहने वालों को ऊपरी हिस्से में निर्माण की अनुमति दी जाएगी। मार्ग का चौड़ीकरण 7 करोड़ 32 लाख की लागत से 4 माह में पूरा कर लिया जाएगा। मार्ग 50 फीट चौड़ा किया जा रहा है। रविवार सुबह शुरू हुए चौड़ीकरण के काम का किसी ने विरोध नहीं किया। इससे पहले रहवासी और कांग्रेस ने विरोध करते हुए भूख हड़ताल शुरू की थी और थाली बर्तन बजाकर मुआवजा दिए जाने और बरसात के बाद काम शुरू करने की मांग रखी थी।
मंदिर-मस्जिद का निर्णय प्रशासन करेगा |
भवन अधिकारी अनिल कुमार जैन ने बताया कि करीब डेढ़ किलोमीटर के मार्ग में एक मस्जिद, एक दरगाह और करीब 13 मंदिर आएंगे। मंदिर, मस्जिद के संबंध में जिला प्रशासन द्वारा निर्णय लिया जाएगा। चौड़ीकरण कार्य के दौरान तीन थाना का पुलिस बल, तुड़ाई कार्य के लिए ठेकेदार के करीब 50 व्यक्ति, इंजीनियर, नगर निगम झोन क्रमांक एक व दो का अमला, नगर निगम का प्रकाश विभाग, पीएचई विभाग, विद्युत मंडल के कर्मचारी शामिल है। कार्य पूरा करने के लिए करीब चार महिने का टारगेट दिया है।