उज्जैन विकास की नई उँचाईयों को छू रहा है – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि उज्जैन की पावन धरा पर, जहाँ बाबा महाकाल की कृपा कण-कण में व्याप्त है। आज विकास के एक नए अध्याय के सूत्रपात का साक्षी बनने पर हर्ष और गर्व के भावों को शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकता। यह आयोजन उज्जैन के गौरवशाली भविष्य तथा सांस्कृतिक और सामाजिक अभ्युदय का शंखनाद है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास' के माध्यम से समर्थ, समृद्ध और सशक्त विकसित भारत के दिव्य संकल्प की सिद्धि का प्रतीक भी है। इन विशाल निर्माण कार्यों और उत्कृष्ट नगरीय सुविधाओं से धार्मिक तीर्थाटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय व्यापार और अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।यह उद्बोधन राज्यपाल पटेल ने शिप्रा विहार में गीता भवन सहित लगभग 663 करोड़ के कार्यों के भूमिपूजन में दिया।
त्रिवेणी विहार में 'गीता भवन' का निर्माण और प्रदेश के नगरीय निकायों में 'गीता भवन' बनाने का निर्णय सराहनीय है। यह हमारी भावी पीढ़ी में सुसंस्कारों के बीजारोपण और ज्ञान-पुंज को सम्पूर्ण विश्व में आलोकित करने का दूरदर्शी कदम है। गीता भवन युवाओं, शोधार्थियों और नागरिकों को भारतीय ज्ञान-परंपरा, दर्शन और संस्कृति से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा,जो समाज में भारतीय सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक मूल्यों की मजबूती और विस्तार में सहयोगी होगा।उन्होंने कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन प्रबंधन, कर्तव्यबोध और मानव कल्याण का सार्वकालिक मार्गदर्शक ग्रंथ है।"भगवद् गीता' का निष्काम कर्म, कर्तव्यनिष्ठ जीवन-दर्शन का ज्ञान नई पीढ़ी में नैतिकता, अनुशासन और सकारात्मक विचारों के आधार को मजबूत बनाएगा।
प्रदेश में गीता भवन भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक पुनर-जागरण और वैचारिक संवाद को नई दिशा देने में सहयोगी होंगे। अंत में कहूँगा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और वैचारिक परिवर्तन का नया दौर शुरू हो गया है, अब हम सबका लक्ष्य और संकल्प विकसित भारत है। आशा है कि उज्जैन नगर जल एवं बिजली संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता तथा 'अतिथि देवो भव' की भावना के अनुरूप श्रद्धालुओं को उच्च गुणवत्ता की सुविधाएँ और सेवाएँ की उपलब्धता के द्वारा आदर्श आध्यात्मिक पर्यटन गंतव्य के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में नित्य नये विकास के कार्य किये जा रहे है। मध्यप्रदेश और उज्जैन भी नई अधोसरंचना विकास के कार्यों से अपनी एक नई पहचान बना रहा है। मध्यप्रदेश सुशासन से उद्योग, शिक्षा, सड़क, आधुनिक हवाई सेवाएं, मैट्रो रेल आदि के विस्तार से विकास की नई उँचाईयों को छू रहा है। राज्यपाल पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में सिंहस्थ 2028 दृष्टिगत एक और नवीन गीता भवन निर्माण सहित 663 करोड़ रूपये से अधिक की धनराशि के अलग-अलग विकास कार्यों का भूमिपूजन हो रहा है। चैत्र नवरात्रि, गुड़ी पड़वा हिन्दू नववर्ष के पावन पर्व के पूर्व जिले को नवीन सौगात मिल रही है। हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केन्द्रीय केबिनेट बैठक में 3 हजार 839 करोड़ रूपये की लागत से NH-75-2D बदनावर- पेटलावद-थांदला खण्ड को फोरलेन करने की स्वीकृति केन्द्र सरकार द्वारा प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री डॉ.. यादव ने कहा कि वर्तमान में सिंहस्थ 2028 महापर्व को ध्यान में रखते हुए 13 हजार करोड़ रूपये से अधिक के विकास कार्य चल रहे है। वर्ष 2026-27 में सिंहस्थ के लिए 3 हजार 60 करोड़ रूपये के कार्यों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। 364 करोड़ 37 लाख रूपये की लागत से मेला क्षेत्र के प्रमुख मार्गों के पुनर्निमाण के कार्य भी शुरू किये जा रहे है। उक्त कार्यों में शंकराचार्य चौराहे से भूखी माता, उजरखेड़ा हनुमान से बडनगर रोड, खाकचौक से वीर सावरकर चौराहा, गढ़कालिका से भर्तृहरि गुफा मार्ग, कार्तिक मेला ग्राउण्ड से नई खेड़ी मार्ग एम आर 22, एम आर 27 रोड मार्ग निर्माण जूना सोमवारिया से अंकपात आदि मार्गों का चौड़ीकरण कर फोरलेन और 6 लेन में परिवर्तित किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालु सीधे घाटों तक सरलता से पहुंच सकेगें। साथ ही विक्रम नगर रेल्वे स्टेशन रेल्वे ओवर ब्रिज और नवीन गीता भवन की बड़ी सौगात उज्जैन वासियों को मिलने जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश भर में निरंतर विकास का क्रम जारी है। किसान कल्याण वर्ष 2026 में किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार कृत संकल्पित है। प्रदेश में पिछले सवा साल में दुग्ध उत्पादन में 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे किसानों को पांच से आठ रूपये लीटर तक का लाभ प्राप्त हुआ है और उनकी आय में वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सांदीपनि विद्यालय, पीएम एक्सीलेंस महाविद्यालय प्रारंभ किये गये है। विद्यार्थियों को स्कूल आवागमन में सुविधा देने के लिए 5 लाख सायकल उपलब्ध कराई गई है। साथ ही विद्यार्थियों को नि:शुल्क गणवेश, अध्ययन के लिए किताबें भी शासन द्वारा समय पर प्रदाय की जा रही है। परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को स्कूटी, 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले छात्रों को लेपटॉप प्रदान किये जा रहे है। आगामी शैक्षणिक सत्र में शासकीय विद्यालयों में कक्षा पहली से लेकर आठवीं तक के बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए यशोदा माता योजना के अंतर्गत दूध का पैकेट उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद प्रदेश में सबसे पहला विश्वविद्यालय उज्जैन में प्रारंभ हुआ था जिसका नाम परिवर्तन कर गत वर्ष सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय किया गया। सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन, न्याय प्रियता, वीरता , दानशीलता और अन्य गुण आज भी हम सब को गौरवान्वित करते है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक और नवीन गीता भवन के भूमिपूजन कार्यक्रम में भगवान श्री कृष्ण के काल को स्मरण करता हॅू, जो आज से लगभग 5 हजार साल पहले सांदीपनि आश्रम में विद्या अध्ययन से प्रारंभ हुआ। यहां उन्होंने 14 विद्या, 64 कलाएं, 18 पुराण, 4 वेद का अध्ययन कर विराट व्यक्तित्व धारण कर मानवता की सेवा करने के लिए पुरूषोत्तम बनें और सम्पूर्ण विश्व को भागवत गीता का ज्ञान अर्जुन के माध्यम से प्रदान कर कर्मयोग की शिक्षा दी। भागवत गीता आज विश्व के सबसे अधिक पढ़े जाने वाले ग्रथों में शामिल है। प्रदेश के सभी जिलों और नगरीय निकायों में गीता भवन का निर्माण किया जाएगा। साथ ही आदर्श ग्रामों को वृन्दावन ग्रामों के रूप में विकसित किये जाएगें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल पटेल के कार्यक्रम में सम्मिलित होने पर स्थानीय विधायक होने के नाते आभार व्यक्त किया।
राज्यपाल पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ.यादव द्वारा 663 करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन
राज्यपाल पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा क्रियान्वित किए जा रहे नवीन गीता भवन, नगर विकास योजना कं. 05 व 06, आर.ओ.बी., मेला कार्यालय एवं सिंहस्थ 2028 के लगभग 663 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।
गीता भवन निर्माण
गीता भवन का निर्माण लागत राशि रू. 77.14 करोड़ से 1,00,000 वर्ग फीट में त्रिवेणी विहार योजना में सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं सामाजिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। इस परियोजना अन्तर्गत गीता भवन परिसर में 12,700 वर्ग फीट का आडिटोरियम , 3,600 वर्ग फीट में ई-लाईबेरी का निर्माण किया जायेगा।
नगर विकास योजना
योजना ग्राम धतरावदा एवं लालपुर में 473.32 हेक्टयेर में विकसित की जाएगी। उक्त कार्य अन्तर्गत राशि रू. 160.39 करोड का भूमिपूजन कार्य जिसमें लगभग 35 कि.मी. के 24 मी. एवं 30 मी. के सीसी रोड अन्तर्गत सीवर लाईन, वॉटर लाईन, स्थाई अण्डर ग्राउण्ड विद्युतीकरण, स्ट्रीट लाईट आदि विकास कार्य किये जायेंगे।
विक्रम नगर रेल्वे ओवर ब्रिज (ROB)
उक्त निर्माण कार्य राशि रू. 30.68 करोड की लागत से किया जा रहा है, जिसमें विक्रम उद्योगपुरी के पास एमआर 5 से नगर विकास योजना 03,04, 05 और 06 को जोडने के लिए किया जा रहा है। उक्त आरओबी के निर्माण से रेल्वे लाईन क्रॉसिंग से शहर से विभाजित हिस्से को जोडने का कार्य एवं सिंहस्थ के दौरान मक्सी एवं देवास से आने वाले यातायात को सुगमता प्रदान करेगा।
सिंहस्थ 2028 के विकास कार्य
सिंहस्थ 2028 के सुगम, भव्य एवं सुरक्षित आयोजन के लिए सिंहस्थ मेला क्षेत्र में मार्गो का चौडीकरण प्रस्तावित है जिसके अन्तर्गत सीसी रोड़, सीवर लाईन, वॉटर लाईन, अण्डर ग्राउण्ड विद्युतीकरण, स्ट्रीट लाईट, डिवाईडर एवं प्लांटेशन आदि विकास कार्य किये जाना है। शकरांचार्य चौराहा से दत्त अखाड़ा, भूखीमाता 30 मीटर चौड़ा मार्ग, उजड़खेड़ा हनुमान से उज्जैन बड़नगर मार्ग तक 4-लेन 24 मीटर सीसी रोड निर्माण लम्बाई 4.57 किमी जिसकी लागत 64.89 करोड़ है। यह रोड दत्त अखाड़ा, भूखीमाता एरिया को सीधे सिंहस्थ बाय पास से जोड़ेगा और श्रद्धालुओं को सुगमता से घाटों की कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। खाकचौक, वीर सावरकर चौराहा, गढ़कालिका से भर्तृहरीगुफा तक चौड़ाई 24 मी. सीसी रोड निर्माण लम्बाई 242 किमी, लागत 24.97 करोड़ उक्त रोड पुराने शहर से गढ़कालिका एवं भर्तृहरीगुफा को जोडे़गा जिससे शहर में आने वाले श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन हो सके। साथ ही सिंहस्थ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में सुगमता प्रदान करेगा। कार्तिक मेला ग्राउण्ड से नईखेड़ी चौड़ाई 24 मी. में सीसी रोड निर्माण-लम्बाई 2.8 किमी, लागत 36.59 करोड़, उक्त रोड कार्तिक मेला एरिया को सीधे सिंहस्थ बाय पास से जोडेगा। साथ ही सिंहस्थ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन एवं शिप्रा नदी घाटों तक पहुंचने में सुगमता प्रदान करेगा।
शनि मंदिर से सिकंदरी (MR-27) चौड़ाई 30 मी. सीसी रोड निर्माण-लम्बाई 2.35 किमी, लागत 52.60 करोड़, उक्त रोड गरोठ रोड से आने वाले बाहर के श्रद्धालुओं को सिंहस्थ बायपास एवं मेला एरिया तक पहुंचने में सुगमता प्रदान करेगा।
एमआर-22 रोड निर्माण, लम्बाई 6.3 किमी., चौडाई 30 मी. 105.00 करोड़, उक्त रोड बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को नदी के पश्चिम दिशा से सीधे मंदिरों एवं घाटों तक पहुंचने में सुगमता प्रदान करेगा। जूना सोमवारिया से अंकपात रोड लम्बाई 1.78 किमी, चौड़ाई 24 एवं 30 मी. लागत 23.99 करोड़, उक्त रोड शहर के मध्य यातायात को सुचारू रूप से बनाये रखने में सहायता प्रदान करेगा । साथ ही सिंहस्थ के दौरान आगर रोड से आने वाले श्रद्धालुओं को सीधे मेला क्षेत्र में पहुंचने मे सुगमता प्रदान करेगा। प्रशांति धाम से शनि मंदिर रोड निर्माण लम्बाई 1.2 किमी, चौड़ाई 12 मी. लागत 9.14 करोड़, उक्त रोड पंचकोशी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सीधे शनि मंदिर पहुंचने में सुगमता प्रदान करेगा । घाटों तक पहुंचने में भी सहायक होगा। महाराजवाड़ा से रामघाट रोड लम्बाई 1.2 किमी, चौड़ाई 24 मी. लागत 24.46 करोड़, उक्त रोड श्री महाकाल मंदिर से श्रद्धालुओं को सीधे रामघाट पहुंचने में सुगमता प्रदान करेगा। उक्त रोड से सिहंस्थ की दृष्टि से भी अतिमहत्वपूर्ण एवं उपयोगी होगा। कर्कराज पार्किंग से भूखीमाता लालपुल तक रोड लम्बाई 1.02 किमी. चौड़ाई 24 मी. लागत 11.94 करोड़, महाकाल क्षेत्र को भूखीमाता एवं लालपुल क्षेत्र से जोडेगा। साथ ही सिंहस्थ के दौरान भीड प्रबंधन में उपयोगी होगा। भर्तृहरि गुफा से ऋणमुक्तेश्वर रोड - लम्बाई 0.8 किमी. चौड़ाई 12 मी. लागत 7.79 करोड़, उक्त रोड भर्तृहरीगुफा एवं ऋणमुक्तेश्वर को जोडेगा। गढ़कालिका से पीर मत्स्येंद्रनाथ रोड लम्बाई 0.4 किमी, चौड़ाई 12 मी. लागत 3.04 करोड़, उक्त रोड गढ़कालिका एवं मत्स्येंद्रनाथ को जोडेगा जिससे शहर में आने वाले श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन हो सके । सिंहस्थ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं का मंदिरों तक आवागमन सुगम होगा।
कार्यक्रम में एचपीवी निशुल्क टीकाकरण,दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन और अन्य शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ वितरित किया गया
कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्वलन और कन्या पूजन कर किया। कार्यक्रम में भूमि पूजन और विकास कार्यों का प्रस्तुतिकरण किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ 2028 के विकास कार्यों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम में एचपीवी निशुल्क टीकाकरण अभियान अंतर्गत लाभ प्राप्त किशोरियों सुश्री प्रिया गहलोत,सुश्री मोनिका यादव को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। उद्यानिकी विभाग की पीएमएफएमई योजना अंतर्गत मसाला उद्योग स्थापना के लिए 25 लाख 61 हजार रुपए की राशि का वितरण हितग्राही जयेंद्र यादव को किया गया। मुद्रा योजना अंतर्गत श्रीमती किरण मीणा को 20 लाख की राशि प्रदान की गई। दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना अंतर्गत हितग्राही अजय शर्मा और श्रीमती मंजू शर्मा को 1 लाख की राशि प्रदान की गई। कार्यक्रम में स्वागत भाषण विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने दिया और आभार संजय अग्रवाल ने व्यक्त किया।
कार्यक्रम में नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला कुंवर, राजेश धाकड़, डॉ. रवि सोलंकी और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।