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धीमी गति से चल रहा है इंदौर उज्जैन सिक्स लेन का निर्माण कार्य

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उज्जैन। उज्जैन-इंदौर के बीच जो सिक्स लेन बन रहा है उसके निर्माण में तेजी आ रही है और अगले साल यह पूरा हो जाएगा। कई जगह देखने में आया है कि यह रोड कई जगह कम हुआ है। इसका कारण क्या है यह अधिकारी ही बता पाएँगे। अभी फिलहाल तो सिक्सलेन निर्माण के कारण यातायात जाम की भारी परेशानी हो रही है। बताया जाता है कि 2027 तक यह पूरा हो जाएगा। यह भी दावा किया जा रहा है कि इसके बनने से उज्जैन के विकास को गति मिलेगी।


प्रोजेक्ट्स का भूमि पूजन 15 जनवरी 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया था। लक्ष्य के अनुसार, इस सिक्स लेन सड़क का निर्माण 15 जनवरी 2027 तक पूरा किया जाना है। वर्तमान प्रगति को देखते हुए अधिकारियों का मानना है कि आने वाले एक साल में निर्माण की गति को और अधिक बढ़ाना होगा ताकि समय सीमा में प्रोजेक्ट को जनता को समर्पित किया जा सके। एमपीआरडीसी के अनुसार सड़क और ब्रिज का काम तेजी से चल रहा है। लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। गौरतलब है कि वर्ष 2016 के सिंहस्थ से पहले इस मार्ग को फोर लेन किया गया था। अब हरिफाटक ब्रिज (उज्जैन) से लवकुश चौराहा (इंदौर) तक की 48 किलोमीटर लंबी सड़क के दोनों ओर एक-एक अतिरिक्त लेन जोड़ी जा रही है। इस पूरी परियोजना में यातायात को सुगम बनाने के लिए तीन फ्लाईओवर, आठ अंडरपास और तीन बड़े ब्रिज का निर्माण शामिल है।


परियोजना की शुरुआत में निर्माण एजेंसी को कई जटिलताओं का सामना करना पड़ा। ट्रैफिक डायवर्जन की योजना बनाने, अतिक्रमण हटाने और स्थानीय व्यवस्थाओं के तालमेल के कारण शुरुआती महीनों में काम की गति प्रभावित हुई। इसके बाद मानसून की बारिश ने भी निर्माण कार्यों में बाधा डाली। सड़क चौड़ीकरण के लिए राहत की बात यह है कि नई जमीन के अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि विभाग के पास पहले से ही पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। हालांकि, वर्षों से खाली पड़ी इस जमीन पर कई स्थानों पर अतिक्रमण हो गया है। कई हिस्से में सड़क के दोनों ओर कई अवैध निर्माण खड़े हो गए हैं। प्रशासन का मानना है कि अतिक्रमण हटने के बाद ही इस महत्वपूर्ण हिस्से में काम तेजी पकड़ सकेगा। इसके लिए एमपीआरडीसी ने जिला प्रशासन को औपचारिक पत्र लिखकर अतिक्रमण हटाने की मांग की है।


यह होंगे बड़े फायदे


सिक्स लेन बनने से उज्जैन-इंदौर का सफर 40-45 मिनट में पूरा होगा, जबकि अभी इसमें एक से सवा यंटा लगता है। इससे उज्जैन की कनेक्टिविटी और यातायात व्यवस्था बेहतर होगी। सिक्स लेन से उज्जैन-इंदौर मार्ग के 29 गांव जुड़ेंगे, जिनमें 20 इंदौर और 9 उज्जैन जिले के हैं। व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जमीनों के दाम बढ़ेंगे। सड़क पर डिवाइडर, दोनों और सर्विस रोड और 70 बॉक्स कल्वर्ट बनाए जाएंगे। सिंहस्थ-2028 में यातायात सुगम होगा।

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