साइबर ठगी : जनवरी में 19 केस दर्ज, उज्जैन शहर में क्राइम का ग्राफ हो जाएगा तीन गुना

उज्जैन। प्रदेश में अब साइबर ठगी की शिकायत करने पर सीधे ई-एफआईआर दर्ज हो रही है। इससे पुलिस का रिकार्ड खराब हो रहा है, जिसके चलते पुलिस अधिकारियों की चिंता बढ़ रही है। नए साल के 19 दिनों में ही शहर में साइबर ठगी की एक दर्जन से अधिक एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, जबकि पहले पुलिस केवल शिकायत दर्ज करती थी, ताकि रिकार्ड खराब न हो।
दिल्ली के बाद मध्यप्रदेश में भी अब नेशनल साइबर हेल्प लाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने पर सीधे ई-एफआईआर दर्ज हो रही है। साल के अंतिम कुछ दिनों और नए साल के 19 दिनों में ही शहर के अलग-अलग थानों में साइबर ठगी होने पर 11 से अधिक एफआईआर पुलिस ने दर्ज की हैं। यदि यही हाल रहा तो शहर में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ सकता है। क्राइम ब्रांच के पास रोजाना 4 से 5 साइबर संबंधित शिकायतें आती हैं। पहले क्राइम ब्रांच ऐसे मामलों में शिकायत दर्ज करती थी, लेकिन यदि इन सभी मामलों में ई-एफआईआर दर्ज होने लगे तो उज्जैन पुलिस सहित प्रदेश के हर जिले का आपराधिक रिकार्ड बढ़ सकता है। उज्जैन में सालभर में 24 हजार के आसपास केस रजिस्टर्ड होते हैं। यदि साइबर ठगी में सीधे ई-एफआईआर दर्ज होने लगेगी तो शहर में अपराध का आंकड़ा तीन गुना बढ़ सकता है। इसको लेकर पुलिस के अधिकारी चिंतित हैं और ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं कि कुछ ही मामलों में केस दर्ज हो। फिलहाल ई-एफआईआर के है। राज्य साइबर सेल और क्राइम ब्रांच को भी नोडल एजेंसी बनाया गया है। ये शिकायत की जांच कर बताते हैं कि मामला किस थाने का है। इसके बाद फरियादी को वहां बयान के लिए बुलाकर असल कायमी की जा रही है। बताते हैं कि नए साल में शहर के अलग-अलग थानों में 25 से अधिक साइबर ठगी के केस दर्ज हो चुके हैं। इसको लेकर सभी जिलों के अधिकारी एक बैठक करने वाले हैं, ताकि बीच का रास्ता निकाला जा सके।