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एक साल में 5 ट्रेड डील, भारत के साथ व्यापार करने को आतुर है दुनिया

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भारत के आर्थिक इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि कुछ ही दिनों में देश ने दो बड़े-बड़े व्यापारिक समझौते कर लिए हैं। पूरे साल की बात करें तो भारत ने कुल पांच प्रमुख ट्रेड डील साइन की हैं, और इन समझौतों वाले देशों की मिली-जुली जीडीपी दुनिया की कुल जीडीपी का 50% से भी ज्यादा है। सबसे नई और ताजा डील अमेरिका के साथ हुई है, जो पिछले कुछ महीनों से दोनों देशों के बीच तनाव और टैरिफ की वजह से चर्चा में बनी हुई थी। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार है, जहां पिछले वित्त वर्ष (2025) में भारत के कुल निर्यात का करीब 20% माल गया और हमारे आयात में उनकी हिस्सेदारी 6.3% रही। वर्ष 2014 से अब तक भारत ने आठ व्यापार समझौतों को अंतिम रूप दिया है।


भारत ने पिछले कुछ वर्ष में 37 विकसित देशों के साथ आठ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप दिया है। दूसरी तरफ  भारत चिली, पेरू और कनाडा सहित कई देशों के साथ इसी तरह के समझौतों के लिए सक्रिय रूप से बातचीत कर रहा है। चिली के साथ व्यापार वार्ता लगभग अंतिम चरण में है जहां भारत के महत्वपूर्ण खनिजों में हित हैं।  पश्चिम एशिया क्षेत्र के छह देशों के समूह जीसीसी (खाड़ी सहयोग परिषदने) भी भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए बातचीत शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की है।


दुनिया में कई बड़े देश आजकल मंदी या परेशानी में हैं, लेकिन भारत लगातार 7% की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। यहाँ सब कुछ काफी स्थिर और भरोसेमंद है। भारत में 140 करोड़ लोग हैं और इनमें से बहुत सारे लोग अब मध्यम वर्ग के हैं – यानी उनके पास पैसे हैं, वे सामान खरीदते हैं। दुनिया की हर बड़ी कंपनी के लिए यह सबसे अच्छा ग्राहक आधार है। कई कंपनियां अब चीन में फैक्ट्री चलाने की जगह दूसरा देश ढूंढ रही हैं। भारत अपनी PLI स्कीम (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) के जरिए उन्हें अच्छी सुविधाएं और मदद दे रहा है। भारत के पास दुनिया की सबसे ज्यादा युवा आबादी है। साथ ही डिजिटल पेमेंट, इंटरनेट और टेक्नोलॉजी में भारत बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसीलिए आजकल लगभग हर देश और हर बड़ी कंपनी भारत से जुड़ना चाहती है।

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