भारत ब्राजील के साथ करेगा 12 मिलियन बैरल कच्चा तेल का करार

दुनिया भर में ट्रंप की धमकियों के बीच अब भारत ने इस ब्रिक्स देश के साथ करने जा रहा है एक बड़ा समझौता। भारत ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े कई बड़े अंतरराष्ट्रीय समझौते अगले हफ्ते करने जा रहा है। जहां भारत ऊर्जा सप्ताह के मंच पर तेल और गैस से जुड़े अहम करार किए जाएंगे। जिनका सीधा असर देश की ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक साझेदारी पर पड़ेगा। तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि भारत एनर्जी वीक के दौरान भारत और ब्राजील की सरकारी तेल कंपनियों के बीच एक बड़ा कच्चे तेल का समझौता होने जा रहा है। इसके तहत भारत की ओर से भारत पेट्रोलियम और ब्राजील की ओर से पेट्रोल ब्रास के बीच 780 मिलियन का करार होगा। इस समझौते के तहत भारत पेट्रोलियम आने वाले वित्तीय वर्ष में ब्राजील से 12 मिलियन बैरल कच्चा तेल खरीदेगी।
यह मात्रा पिछले साल फरवरी में हुए समझौते से दोगुनी है। उस वक्त 6 मिलियन बैरल की सप्लाई तय हुई थी जिसे अब बढ़ाकर 12 मिलियन बैरल करने का इरादा है। तेल मंत्री ने यह भी कहा कि वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार स्थिर बना हुआ है। इसके अनुसार दुनिया में कई बदलावों के बाद भी कच्चे तेल की कीमतें ना तो बहुत ज्यादा नीचे गई हैं और ना ही बहुत ज्यादा ऊपर। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में ऊर्जा की कोई भी कमी उन्हें नजर नहीं आ रही है। यानी भारत की ऊर्जा आवश्यकता में अभी कोई कमी नहीं है। हरदीप पुरी ने बताया कि पश्चिमी गोलार्ध से नई ऊर्जा आपूर्ति बाजार में आने से स्थिरता बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि गुायना, सुरीनाम और ब्राजील जैसे देशों ने अगर लगातार ऊर्जा की सप्लाई वैश्विक बाजार में आती रहेगी तो कीमतें संतुलित बनी रहेंगी। उनके मुताबिक तेल उपभोक्ता और तेल उत्पादक देशों को आमने-सामने खड़ा करना पुरानी सोच है क्योंकि दोनों की रुचि एक है। मजबूत और भरोसेमंद ऊर्जा व्यवस्था। आप खुद सुनिए इन सारी डील्स को लेकर तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने क्या कुछ बताया है। भारत ऊर्जा सप्ताह के दौरान केवल तेल ही नहीं बल्कि गैस और स्वच्छ ईंधन से जुड़े समझौते भी करेगा। सरकारी कंपनी ऑयल इंडिया और उसका नवरत्न इकाई नुमालीगढ़ रिफाइनरी फ्रांस की टोटल एनर्जीस के साथ एलएनजी की आपूर्ति को लेकर एक प्रारंभिक समझौता भी करेगी।