श्री रुद्राष्टकम् से ‘मोह मोह के धागे’ तक, विपिन अनेजा की प्रस्तुति ने मोहा मन

उज्जैन। श्री महाकाल महोत्सव के चौथे दिन शनिवार को महाकाल लोक के मंच पर मुंबई से आए पार्श्व गायक विपिन अनेजा एवं उनके समूह ने सुमधुर गायन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुति में भक्ति, संवेदना और आधुनिक भावबोध का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत पावन श्री रुद्राष्टकम् स्तोत्र से हुई, जिसने वातावरण को पूरी तरह शिवमय बना दिया। इसके पश्चात सुप्रसिद्ध गीत “जाने तेरे शहर का क्या इरादा है, आसमां कम परिंदे ज्यादा हैं” की भावपूर्ण प्रस्तुति ने श्रोताओं की खूब सराहना बटोरी। शिव-भक्ति को समर्पित “शिव कैलाशों के वासी” विपिन अनेजा की इस संध्या की पहली विशेष प्रस्तुति रही, जिसे दर्शकों ने श्रद्धा भाव से सुना। इसके बाद “ये मोह मोह के धागे” और “मन मोरा घबराए” जैसे लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को भावनात्मक ऊँचाई प्रदान की। विपिन अनेजा की सधी हुई गायकी और समूह की संगत ने संगीत प्रेमियों को लंबे समय तक बांधे रखा।
श्रेयांश शुक्ला एंड बैंड की सुगम संगीत प्रस्तुति ने रचा भक्तिरस
वीर भारत न्यास और श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा आयोजित श्री महाकाल महोत्सव के चौथे दिन महाकाल लोक स्थित मुक्ता काशी मंच पर इंदौर के प्रसिद्ध श्रेयांश शुक्ला एंड बैंड ने सुगम संगीत की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भक्ति-रस में डुबो दिया। कार्यक्रम की शुरुआत उनके द्वारा की गई।
प्रमुख भजन “जितना दिया सरकार ने उतनी मेरी औकात नहीं” से परिसर में भक्ति संगीत का रंग जमाया, जिसने श्रोताओं के मन में कृतज्ञता और समर्पण का भाव जगाया। इसके पश्चात “श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में” के सुमधुर स्वरों ने वातावरण को राममय बना दिया। शिव-भक्ति की कड़ी में “ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने” और “कैलाश के निवासी नमो बार-बार हो” जैसे भजनों की प्रस्तुति पर पूरा परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। कार्यक्रम के समापन की ओर “ये चमक ये दमक, फुलबन में महक” गीत ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। श्रेयांश शुक्ला एंड बैंड की प्रस्तुति में गायन, वादन और भाव-प्रस्तुति का उत्कृष्ट समन्वय देखने को मिला।
सजीव संगीत और भक्तिमय वातावरण ने श्री महाकाल महोत्सव की गरिमा को और अधिक ऊँचाइयों तक पहुँचाया। इस अवसर पर डॉ महेंद्र सिंह , संजय अग्रवाल, वरिष्ठ समाजसेवी नरेश शर्मा, मुकेश यादव उपस्थित थे एवं कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय कवि दिनेश दिग्गज के द्वारा किया गया।