22 जनवरी को स्वर्ण जयंती सभागार में होगा संगोष्ठी का आयोजन

उज्जैन। उज्जैन, उज्जयिनी, प्रतिकल्पा, कनकश्रृंगा, अवंतिका आदि कई नामों से पहचानी जाने वाली यह आध्यात्मिक नगरी प्रशासनिक और सांस्कृतिक इतिहास की भी भूमि रही हैं और प्राचीन शासन व्यवस्था में गणतंत्र का प्रथम उद्घोष इसी उज्जैन से हुआ था, को लेकर सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन और महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा संगोष्ठी का आयोजन कर ऐतिहासिक प्रमाणों की पुष्टि की जाएगी।आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन और महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के संयुक्त तत्वावधान में "भारतीय गणतंत्र की उद्घोषक उज्जयिनी" विषय पर 22 जनवरी को विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती सभागृह में प्रातः 11.30 बजे से संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। इसमें गणतंत्र की ऐतिहासिक पीठिका को संदर्भित करके नया विमर्श प्रस्तुत किया जाएगा।
22 जनवरी को प्राचीन शासन व्यवस्था में गणतंत्र का प्रथम उद्घोष करने वाले शहर उज्जैन के ऐतिहासिक प्रमाणों की पुष्टि की जाएगी
आयोजन के संबंध में सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने कहा कि उज्जैन गणतंत्र का प्राचीन प्रहरी है जो अर्वाचीन तक यथावत स्थिति में दिखाई दे रहा है। इस विषय को लेकर स्वर्ण जयंती सभागृह में विद्वानों के मध्य जो चर्चा होगी वह देश दुनिया के लिए सार्थक होगी। इसमें संदर्भ "भगवान श्री कृष्ण से सतत्" यानि वर्तमान तक रहेगा।
आपने कहा कि भारतीय गणतंत्र का उद्घोषक उज्जैन ही रहा है यह परंपरा निरंतर चली आ रही है, इस विषय को लेकर देश दुनिया में जानकारी जाना चाहिए। इस हेतु एक संगोष्ठी का आयोजन बहुत ही महत्वपूर्ण है।
विद्वानों द्वारा प्राचीन गणतंत्र के प्रामाणिक तथ्यों से उज्जैन के प्राचीन वैभव को विमर्श के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा
संगोष्ठी में पद्मश्री डॉ. भगवती लाल राजपुरोहित, पूर्व कुलगुरु प्रो. बालकृष्ण शर्मा, विश्वविद्यालय के वरिष्ठ कार्य परिषद सदस्य राजेश सिंह कुशवाह, कलेक्टर रौशन सिंह, डॉ. शैलेन्द्र कुमार शर्मा, डॉ. प्रशांत पुराणिक, पुरातत्वविद डॉ. रमन सोलंकी, डॉ.अंशु भारद्वाज, डॉ.अल्पना दुभाषे, डॉ. रंजना शर्मा, डॉ. विश्वजीतसिंह परमार, डॉ. अजय शर्मा, डॉ. हेमंत लोदवाल एवं डॉ. शेखर मैदमवार आदि विद्वानों द्वारा प्राचीन गणतंत्र के प्रामाणिक तथ्यों से उज्जैन के प्राचीन वैभव को विमर्श के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।