कृषक कल्याण वर्ष के संबंध में उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने ली विभागों की बैठक

उज्जैन। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुसार वर्ष 2026 कृषक कल्याण वर्ष के रूप में "समृद्ध किसान ,समृद्ध प्रदेश" की थीम पर मनाया जा रहा है। इसी तारतम्य कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने सोमवार शाम संबंधित विभागों की बैठक ली। बैठक में कृषि विकास, उद्यानिकी, वन विभाग, मत्स्य, सहकारिता और पशुपालन विभाग के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में कलेक्टर सिंह ने जिले में नरवाई प्रबंधन के लिए पुख्ता कार्ययोजना तैयार कर किसानों को नरवाई नहीं जलाने को लेकर प्रेरित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर सिंह ने 12 फरवरी को हार्वेस्टर संचालकों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए जिसमें जिले के हार्वेस्टर संचालकों को एसएमएस की अनिवार्यता के लिए निर्देशित करने के साथ ही प्रगतिशील कृषकों एवं एफपीओ व जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित कर बैठक में नरवाई न जलाने एवं नरवाई प्रबंधन के विषयों पर चर्चा की जाएगी।

सम्राट विक्रमादित्य प्रशासनिक संकुल भवन के कलेक्टर कार्यालय सभागृह में सोमवार को किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, उद्यानिकी विभाग, मत्स्य विभाग, पशुपालन विभाग, सहकारिता विभाग द्वारा तैयार की गई कार्ययोजनाओं की बैठक आयोजित हुई। बैठक में किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि जिले में 15 जनवरी से ई-विकास प्रणाली अंतर्गत ई-टोकन व्यवस्था प्रारंभ की गई है। इसके अंतर्गत जिले में 15 जनवरी से ई-विकास प्रणाली अंतर्गत ई-टोकन से किसानों को उर्वरक का वितरण किया जा रहा है। अभी तक 8891 किसानों ने पोर्टल पर पंजीयन कर 6391 किसानों ने टोकन जनरेट किए है। 4977 किसानों ने सुगमता पूर्वक उर्वरक प्राप्त किया एवं ई-टोकन के माध्यम से 1365 मै.टन खाद वितरण किया जा चुका है। ई-टोकन का प्रचार प्रसार विभाग द्वारा निरंतर किया जा रहा है।
इसी तरह कृषि विभाग द्वारा प्रेरित करने पर 125 कृषकों द्वारा विगत 4-5 वर्षों से लगभग 200 एकड़ में गेहूं, चना, मटर, गन्ना, सब्जियां, लहसुन एवं प्याज की प्राकृतिक खेती की जा रही है। वर्ष 2025-26 से प्राकृतिक खेती योजना अंतर्गत जिले में गठित 25 क्लस्टर में से 3125 पात्र किसानों को चयनित कर 1250 हेक्टेयर में प्राकृतिक खेती करने की शुरुआत की गई है।
बैठक में कलेक्टर सिंह ने निर्देश दिए कि कि जिले मे कृषि तकनीकी का उपयोग करने के लिए किसानों को जानकारी देकर प्रोत्साहित करें। बैठक में बताया गया कि जिले में 06 ड्रोन संचालित किए जा रहे है जिनके माध्यम से फसलों में नैनो उर्वरकों एवं पेस्टीसाईड का छिडकाव किया जा रहा है। जिससे जिले में कृषि संबंधी तकनीकी को बढ़ावा मिल सके वर्तमान में ड्रोन दीदी के माध्यम से कुल 1200 बीघा में ड्रोन के माध्यम से छिडकाव किया गया है जिससे किसान ड्रोन दीदीयों को 1 लाख 80 हजार रुपए की आय प्राप्त हुई है।
बैठक में कलेक्टर सिंह ने उद्यानिकी विभाग के माध्यम से जिले में फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए विभाग के माध्यम से विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए । बैठक में बताया गया कि विभाग के माध्यम से 240 हेक्टेयर भूमि पर गेंदा और गुलाब की फसल तैयार करने के लिए 03 वर्षीय कार्ययोजना तैयार की है। कलेक्टर सिंह ने निर्देश दिए कि 240 हेक्टेयर के लिए 01 वर्ष के लिए कार्ययोजना तैयार करें। उज्जैन धार्मिक नगरी होने के कारण यहां के मंदिरों में उपयोग में आने वाले फूलों की खपत की जानकारी के साथ फूल व्यापारियों और फूल उत्पादन करने वाले किसानों से चर्चा कर विभाग के अधिकारी इसकी भी विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें। कलेक्टर सिंह ने बैठक में नदी किनारे फलदार पौधे लगाने की कार्ययोजन बनाने के निर्देश दिए । कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागों की कार्ययोजना तैयार करें। कलेक्टर सिंह ने निर्देश दिए कि किसानों को उनकी आय बढ़ाने, उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए विभिन्न तकनीकी की जानकारी देकर प्रोत्साहित करें। बैठक में मत्स्य पालन, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और वन विभाग की कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई।
नरवाई प्रबंधन के लिए 12 फरवरी को हार्वेस्टर संचालकों और प्रगतिशील कृषकों की बैठक आयोजित होगी
बैठक में कलेक्टर सिंह ने निर्देश दिए कि 12 फरवरी को आयोजित बैठक में हार्वेस्टर संचालकों के साथ ही प्रगतिशील कृषकों एवं एफपीओ और जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर बैठक में नरवाई नही जलाने और नरवाई प्रबंधन के विषय में चर्चा की जाएगी। जिला प्रशासन के माध्यम से अधिसूचना भी जारी की जाएगी जिसमें हार्वेस्टर संचालकों द्वारा निर्देशों का पालन नहीं करने पर कार्यवाही की जाएगी। बैठक में किसानों को जागरुक करते हुए जानकारी दी जाएगी।