
24 Oct 2022
25 अक्टूबर 2022 मंगलवार को सूर्य ग्रहण शाम 4:29 बजे शुरू होकर शाम 5:42 बजे तक खत्म होगा।सूर्य ग्रहण का सूतक काल 12 घंटे पूर्व शुरू हो जाता है।
इस दौरान खाना-पीना बनाना व खाना दोनों ही निषेध है। बीमार व्यक्ति, बच्चे व बुजुर्ग व्यक्तियों को किसी तरह का दोष नहीं है।
सूर्य एक प्रत्यक्ष ग्रह है जो हमारे प्रतिदिन के जीवन को प्रभावित करता है। उससे निकलने वाली ऊर्जा ही हमारे जीवन का आधार है और जब सूर्य पर ग्रहण लगता है तो समस्त वातावरण में नकारात्मकता फैल जाती है। इसका प्रभाव सभी राशि के लोगों पर पड़ता है। इसलिए यह आवश्यक है कि सूर्य ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव को दूर करने के लिए हम कुछ ऐसे उपाय करें, जो हमें जीवन में समस्याओं से मुक्ति दिला सकें और हमें आगे बढ़ा सकें।
आइए जानते हैं ऐसे कौन से उपाय हैं, जिनसे आप सूर्य ग्रहण के प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकते हैं--:
👉 सूर्य ग्रहण के प्रभाव को कम करने के लिए सूर्य ग्रहण के सूतक काल के समय से पहले खाने-पीने के सभी वस्तुओं में तुलसी दल या डाब(कुशा) डालें।
👉सूर्य ग्रहण के प्रभाव से बचने के लिए ग्रहण शुद्ध होने के तुरंत बाद सर्वप्रथम अपने घर की साफ सफाई करें।
👉सभी जगह पर गंगाजल का छिड़काव करें और सभी लोग स्नानादि से निवृत्त होकर शुद्ध हो जाएं। यदि आपके पास कोई नदी हो तो पवित्र नदी में स्नान करना अधिक शुभ माना जाता है। यदि ऐसा संभव नहीं है तो नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगा जल मिलाकर स्नान करें।
👉ग्रहण के समय में पहने गए वस्त्रों को उतार कर उन्हें धो कर सुखा लें।
👉इसके बाद अपने घर में स्थित मंदिर की साफ सफाई करें तथा मूर्तियों को स्नान कराकर आसन पर विराजित करें और उन्हें नए वस्त्र धारण करवाएं।
👉ग्रहण शुद्ध होने के बाद सबसे पहले गौ माता के लिए गौ ग्रास अवश्य निकालें।
👉यदि ग्रहण काल में खाने पीने के पदार्थों में तुलसी अथवा कुशा रखकर उसे शुद्ध किया गया था तो आप उसका प्रयोग कर सकते हैं, अन्यथा उसका प्रयोग ना करें।
👉ग्रहण के बाद घर में लगे सभी पेड़ पौधों को भी जल चढ़ा कर शुद्ध कर दें।
👉ग्रहण शुद्ध होने के बाद भोजन बना कर प्रभु को भोग लगाएँ उसके बाद स्वयं भोजन ग्रहण करें।
👉सूर्य ग्रहण शुद्ध होने के बाद किसी भी मंदिर में अवश्य जाएं क्योंकि ईश्वर दर्शन से समस्त समस्याएं दूर हो जाती हैं।
👉गायत्री महामंत्र का जाप करना अथवा भगवान शिव व भगवान विष्णु के किसी भी महामंत्र का जाप करना परम लाभदायक होता है।
👉 पशु पक्षियों को खाने के लिए दाना और पानी रखना बहुत शुभकारी रहता है।
👉 गौशाला में चारा इत्यादि दान करें, गायों को गुड़ खिलाएं।
👉आप अपने पितरों की शांति के लिए तर्पण करें।
👉किसी जरूरतमंद व्यक्तियों को काले अथवा भूरे रंग के चमड़े के जूते भी दान कर सकते हैं।
उन्हें खाने-पीने की वस्तुएं व कपड़े आदि दान करें।।
क्या दिवाली पर रहेगा सूर्य ग्रहण का साया? दशकों बाद बना ग्रहण का दुर्लभ योग, जानें सब कुछ
24 अक्तूबर, सोमवार को दीपावली है और इसके अगले दिन यानी 25 अक्तूबर को साल का आखिरी सूर्यग्रहण, फिर गोवर्धन पूजा है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष कार्तिक अमावस्या तिथि पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा करते हुए दीपावली का त्योहार मनाया जाता है और अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। लेकिन इस बार दीपावली के बाद ही आंशिक सूर्यग्रहण लगेगा। कई वर्षों बाद दीपावाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा न होकर एक दिन का अंतर है। दीपावली और गोवर्धन पूजा के बीच सूर्य ग्रहण का ऐसा संयोग कई वर्षो बाद पड़ रहा है। एक गणना के अनुसार पिछले 1300 वर्षों बाद सूर्य ग्रहण दो प्रमुख त्योहार के बीच पड़ने के साथ बुध, गुरु, शुक्र और शनि सभी अपनी-अपनी राशि में मौजूद रहेंगे। साल का यह आखिरी आंशिक सूर्यग्रहण भारत के कई हिस्सों में दिखाई देगा। भारत में सूर्यग्रहण दिखाई देने से इसका सूतक काल मान्य होगा। जिसके कारण ग्रहण से संबंधित धार्मिक मान्यताओं का पालन किया जाएगा।
आइए जानते हैं 25 अक्तूबर को लगने वाले सूर्य ग्रहण से संबंधित सभी जानकारियां और इसके प्रभाव के बारे में विस्तार से...
भारत में कितने बजे शुरू होगा सूर्य ग्रहण ?
सूर्य ग्रहण की तिथि: 25 अक्टूबर 2022
सूर्य ग्रहण का समय (भारतीय समयानुसार): 16:22 से 17:42 तक
सूर्य ग्रहण की समय अवधि:1 घंटे 19 मिनट
भारत में कहां-कहां दिखाई देगा सूर्यग्रहण
वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार सूर्यग्रहण हमेशा अमावस्या तिथि पर ही लगता है। इस बार कार्तिक अमावस्या तिथि 25 अक्तूबर को और इसी दिन आंशिक सूर्य ग्रहण लगेगा। देश के खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार दीपावली के बाद लगने वाला सूर्य ग्रहण देश के उत्तरी और पश्चिमी भागों में आसानी के साथ देखा जा सकेगा,जबकि पूर्वी भागों में यह ग्रहण नहीं दिखाई देगा क्योंकि यहां पर सूर्यास्त जल्दी हो जाएगा। भारत में ग्रहण की शुरुआत शाम के 4 बजे के बाद ही होगी।
देश में यहां दिखेगा सूर्य ग्रहण-
दिल्ली, राजस्थान,पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात, पंजाब,उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड. जम्मू, श्रीनगर, लेह और लद्दाख
देश के इन हिस्सों में कुछ समय के लिए दिखेगा सूर्य ग्रहण-
दक्षिण भारत के हिस्से जैसे तमिलनाडु, कर्नाटक,मुंबई, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड और बंगाल
देश के इन हिस्सों में नहीं दिखाई देगा सूर्य ग्रहण
देश के पूर्वी भागों में असम,अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और नागालैंड
इस राशि में लगेगा सूर्य ग्रहण
ज्योतिष गणना के अनुसार दिवाली के बाद यानी 25 अक्तूबर को लगने वाला सूर्यग्रहण तुला राशि में लगेगा।
सूर्य ग्रहण और ज्योतिषीय संयोग
इस वर्ष दीपावाली के अगले दिन सूर्य ग्रहण का योग और ग्रहों का योग1300 सालों बाद बना रहा है।
ग्रहण के समय चार ग्रह स्वंय की राशि में मौजूद रहेंगे। जिसमें बुध,गुरु, शनि और शुक्र सभी चारों ग्रह अपनी-अपनी राशि में मौजूद रहेंगे। शनि मकर राशि में, गुरु अपनी मीन राशि में,बुध कन्या राशि में और शुक्र तुला राशि में रहेंगे।
27 साल बाद दीपावली पर सूर्यग्रहण का संयोग, जानें आपके जीवन में क्या लाएगा बदलाव?
दिवाली पर सूर्यग्रहण का संयोग करीब 27 साल बाद बन रहा है।
जानें सूर्यग्रहण का मेष से लेकर मीन राशि तक वालों पर क्या पड़ेगा प्रभाव-
27 साल बाद दिवाली पर सूर्यग्रहण का संयोग, जानें आपके जीवन में क्या लाएगा बदलाव?
कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को दीपावली का पावन पर्व मनाया जाता है। इस साल अमावस्या तिथि पर साल का दूसरा व आखिरी सूर्यग्रहण लग रहा है। हालांकि यह सूर्यग्रहण अमावस्या तिथि के समाप्त होने पर लग रहा है। दीपावली पर सूर्यग्रहण का ऐसा संयोग करीब 27 साल पहले 1995 में बना था। जानें दिवाली पर लगने वाला सूर्यग्रहण आपके जीवन में क्या डालेगा असर-
मेष- मेष राशि के जातकों के वैवाहिक जीवन में अनबन हो सकती है। मानसिक तनाव बढ़ेगा।
उपाय- भगवान सूर्य देव की पूजा करें और अधिक खर्चों से बचें
वृषभ- वृषभ राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण सुखकारी साबित होगा।
उपाय -जरूरतमंद व्यक्तियों को सफेद भोजन दान करें करीबियों के साथ विवाद से बचें
मिथुन- मिथुन राशि वालों के लिए सूर्य ग्रहण कष्टकारी साबित हो सकता है। मानसिक तनाव रहेगा।
उपाय- शिक्षा पर ध्यान दें और कोई नया काम व्यापार या गतिविधि शुरू ना करें
कर्क- कर्क राशि वालों के लिए यह ग्रहण कष्टकारी रहने वाला है।
उपाय-दूसरों को अपनी कमजोरी ना बताएं इसके साथ ही महत्वपूर्ण चर्चा किसी दूसरों के सामने ना करें
सिंह- सिंह राशि वालों को इस ग्रहण से आंशिक लाभ हो सकता है।
उपाय -अपने भाई-बहनों एवं पड़ोसियों से ईर्ष्या और गलतफहमी से बचें
कन्या- कन्या राशि वालों को ग्रहण काल में आर्थिक नुकसान हो सकता है।
उपाय -अहंकार से बचें और अपने शब्दों पर नियंत्रण रखें इसके अलावा अपने पिता दादा और गुरु के साथ अच्छे संबंध बनाएं
तुला- तुला राशि वालों के लिए यह ग्रहण कष्टकारी साबित हो सकता है।
उपाय -अपने सीनियर अधिकारी से और प्रभावशाली लोगों के साथ टकराव से बचें
वृश्चिक- वृश्चिक राशि वालों के लिए यह ग्रहण नुकसानदायक साबित हो सकता है। हानि की आशंका है।
उपाय -अपने खान-पान पर नियंत्रण रखें एवं अनावश्यक यात्रा से बचें
धनु- धनु राशि वालों के लिए यह ग्रहण लाभकारी साबित हो सकता है।
उपाय -इस समय इन्वेस्टमेंट सोच समझ कर करें इसके साथ ही अपनी आंखों एवं पैरों का विशेष ध्यान रखें
मकर- मकर राशि वालों के लिए यह ग्रहण खुशखबरी लेकर आ सकता है।
उपाय- अपने पार्टनर सीनियर एवं बॉस के साथ होने वाली किसी भी प्रकार की गलतफहमी से बचें भावुकता में आकर बडी चुनौती ना लें
कुंभ- कुंभ राशि वालों के लिए यह ग्रहण अशुभ साबित हो सकता है। आपके मान-सम्मान को ठेस पहुंच सकती है।
उपाय- अपने पिता एवं अन्य वरिष्ठ लोगों व उनके विचारों का सम्मान करें अहंकारी होने से बचे एवं सभी के साथ विनम्रता से पेश आएं
मीन- मीन राशि वालों के लिए यह ग्रहण कष्टकारी साबित हो सकता है।
उपाय -पारिवारिक मामलों मे क्लेश से बचें आसानी से धोखे में ना आए और पैसों के लेन-देन को लेकर सतर्क रहें