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जीवन मिथ्या है,

जैसा कि हम जानते हैं कि जीवन पूर्ण रूप से परमात्मा की कृपा के अनुरूप ही चलता है, पर फिर भी इस पर मनुष्य अपने आप को सबसे बड़ा व्यक्ति समझ लेता है। |

जीवन की वास्तविकता क्या है, यह सभी तरह के विचारों से परे है, इसी कारण श्री माताजी निर्मला देवी ने आत्म साक्षात्कार कुंडलिनी जागरण की सरल विधि साधकों को और भक्तों को बताई है जिससे वह अपने अंदर की स्थिति तथा शांति का अनुभव कर सके। यह योग शिक्षा पूर्ण रूप से निःशुल्क है और इसमें किसी प्रकार की प्रक्रिया करने की आवश्यकता नहीं होती है क्योंकि हमारे अंदर स्थित कुंडलिनी शक्ति द्वारा यह संचालित होती है । जिस प्रकार धरती को हमारी मां मानते हैं उसी प्रकार कुंडलिनी शक्ति भी हमारी मां है, जो हमारा पूर्ण ध्यान रखती है।

उपरोक्त बताई गई संक्षिप्त जानकारी का विस्तृत अध्ययन करने के लिए यदि साधक कोई भी प्रश्न अपने मन में रखता है तो वह हमारे टोल फ्री नंबर 18002700800 पर कॉल कर सकते हैं या वेबसाइट www.sahajayoga.org.in पर देख सकते हैं।

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