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कब से शुरू हैं नवरात्र, जानें कलश स्थापना का मुहूर्त और घटस्थापना विधि

नवरात्रि के इस समय में 9 दिनों के लिए मां दुर्गा को अपने घर में स्थापित किया जाता है. मां दुर्गा के नाम की अखंड ज्योति रखी जाती है. इस दौरान लोग मां दुर्गा की विधि विधान से पूजा करते हैं.


नवरात्रि घटस्थापना पूजा विधि


घट अर्थात मिट्टी का घड़ा. इसे नवरात्रि के पहले दिन शुभ मुहूर्त के हिसाब से स्थापित किया जाता है. घट को घर के ईशान कोण में स्थापित करना चाहिए. घट में पहले थोड़ी सी मिट्टी डालें और फिर जौ डालें. फिर इसका पूजन करें. जहां घट स्थापित करना है, उस स्थान को साफ करके वहां पर एक बार गंगा जल छिड़ककर उस जगह को शुद्ध कर लें. उसके बाद एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं. फिर मां दुर्गा की तस्वीर स्थापित करें या मूर्ति. अब एक तांबे के कलश में जल भरें और उसके ऊपरी भाग पर लाल मौली बांधें. उस कलश में सिक्का, अक्षत, सुपारी, लौंग का जोड़ा, दूर्वा घास डालें. अब कलश के ऊपर आम के पत्ते रखें और उस नारियल को लाल कपड़े से लपेटकर रखें. कलश के आसपास फल, मिठाई और प्रसाद रख दें. फिर कलश स्थापना पूरी करने के बाद मां की पूजा करें.


नवरात्रि घटस्थापना मुहूर्त


आश्विन घटस्थापना सोमवार, सितम्बर 26, 2022 को


घटस्थापना मुहूर्त - सुबह 06 बजकर 28 मिनट से 08 बजकर 01 मिनट तक


अवधि - 01 घण्टा 33 मिनट्स


घटस्थापना अभिजीत मुहूर्त- शाम 12 बजकर 06 मिनट से शाम 12 बजकर 54 मिनट तक


नवरात्रि का शुभ योग मुहूर्त


आश्विन नवरात्रि सोमवार, सितम्बर 26, 2022

प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ - सितम्बर 26, 2022 को सुबह 03 बजकर 23 मिनट से शुरू

प्रतिपदा तिथि समाप्त - सितम्बर 27, 2022 को सुबह 03 बजकर 08 मिनट पर खत्म


नवरात्रि घटस्थापना सामग्री


हल्दी, कुमकुम, कपूर, जनेऊ, धूपबत्ती, निरांजन, आम के पत्ते, पूजा के पान, हार-फूल, पंचामृत, गुड़ खोपरा, खारीक, बादाम, सुपारी, सिक्के, नारियल, पांच प्रकार के फल, चौकी पाट, कुश का आसन, नैवेद्य आदि.


नवरात्रि की तिथि


प्रतिपदा (मां शैलपुत्री): 26 सितम्बर 2022

द्वितीया (मां ब्रह्मचारिणी): 27 सितम्बर 2022

तृतीया (मां चंद्रघंटा): 28 सितम्बर 2022

चतुर्थी (मां कुष्मांडा): 29 सितम्बर 2022

पंचमी (मां स्कंदमाता): 30 सितम्बर 2022

षष्ठी (मां कात्यायनी): 01 अक्टूबर 2022

सप्तमी (मां कालरात्रि): 02 अक्टूबर 2022

अष्टमी (मां महागौरी): 03 अक्टूबर 2022

नवमी (मां सिद्धिदात्री): 04 अक्टूबर 2022

दशमी (मां दुर्गा प्रतिमा विसर्जन): 5 अक्टूबर 2022


शारदीय नवरात्रि कब से होंगे शुरू जानिए संपूर्ण जानकारी


इस साल शारदीय नवरात्रि 26 सितंबर से 5 अक्तूबर तक दुर्गा विसर्जन और विजय दशमी तक रहेगी।


26 सितंबर 2022 से शक्ति आराधना का पर्व शारदीय नवरात्रि प्रारंभ होने जा रहा है। शारदीय नवरात्रि पर देवी दुर्गा की पूजा और साधना की जाती है। इसके अलावा देवी के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा होती है। हिंदू धर्म में देवी दुर्गा जो माता पार्वती का ही स्वरूप हैं उन्हें महाशक्ति के रूप में पूजा जाता है।


हिंदू धर्म में नवरात्रि पर्व मां शक्ति की पूजा-उपासना के लिए विशेष माना गया है। हिंदू पंचांग के अनुसार सालभर में कुल चार नवरात्रि आते हैं- दो गुप्त नवरात्रि, एक चैत्र नवरात्रि और एक शारदीय नवरात्रि। सभी नवरात्रि में शारदीय और चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। नवरात्रि के दिनों में देवी दुर्गा हिमालय से पृथ्वी लोक में आती हैं और अपने भक्तों के घरों में 9 दिनों के लिए विराजमान होती हैं। नवरात्रि के 9 दिनों में देवी दुर्गा के 9 अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-आराधना होती है। मां दुर्गा के भक्त इन नौ दिनों में उपवास रखते हुए मां शक्ति की साधना करते हैं। नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान मां दुर्गा अपने भक्तों पर विशेष कृपा रखती हैं। अब शारदीय नवरात्रि शुरू होने वाले हैं।


ऐसे में आइए जानते हैं इसकी पूरी संपूर्ण जानकारी...


कब से शुरू होंगे शारदीय नवरात्रि

सभी नवरात्रों में चैत्र और शरद नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार शारदीय नवरात्रि आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से लेकर नवमी तिथि तक मनाई जाती है। शारदीय नवरात्रि को शरद नवरात्रि भी कहते हैं क्योंकि इसी समय से शरद ऋतु का आगमन भी शुरू हो जाता है। इस साल शारदीय नवरात्रि 26 सितंबर से 5 अक्तूबर तक दुर्गा विसर्जन और विजय दशमी तक रहेगी।


दिन नवरात्रि दिन तिथि पूजा-अनुष्ठान


26 सितंबर 2022 नवरात्रि दिन 1 प्रतिपदा देवी शैलपुत्री की पूजा से चंद्र दोष समाप्त होता है।


27सितंबर 2022 नवरात्रि दिन 2 द्वितीया देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा से मंगल दोष खत्म होता है।


28 सितंबर 2022 नवरात्रि दिन 3 तृतीया देवी चंद्रघण्टा पूजा से शुक्र ग्रह का प्रभाव बढ़ता है।

29सितंबर 2022 नवरात्रि दिन 4 चतुर्थी माँ कूष्माण्डा की पूजा से कुंडली में सूर्य ग्रह मजबूत होता है।

30सितंबर 2022 नवरात्रि दिन 5 पंचमी देवी स्कंदमाता की पूजा से बुध ग्रह का दोष कम होता है।

01अक्तूबर 2022 नवरात्रि दिन 6 षष्ठी देवी कात्यायनी की पूजा से बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है।


02अक्तूबर 2022 नवरात्रि दिन 7 सप्तमी देवी कालरात्रि की पूजा से शनिदोष खत्म होता है।


03अक्तूबर 2022 नवरात्रि दिन 8 अष्टमी देवी महागौरी की पूजा से राहु का बुरा प्रभाव खत्म होता है।

04अक्तूबर 2022 नवरात्रि दिन 9 नवमी देवी सिद्धिदात्री की पूजा से केतु का असर कम होता है।


शारदीय नवरात्रि 2022 पर शुभ योग

शारदीय नवरात्रि 2022 नवरात्रि के दिन शुभ योग


पहला दिन माँ शैलपुत्री देवी सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग


दूसरा दिन ब्रह्मचारिणी देवी


तीसरा दिन चंद्रघंटा देवी


चौथा दिन कुष्मांडा देवी रवि योग

पांचवां दिन स्कंदमाता देवी सर्वार्थ सिद्धि योग

छठा दिन कात्यायनी देवी रवि योग

सातवां दिन कालरात्रि देवी सर्वार्थ सिद्धि योग

आठवां दिन महागौरी देवी रवि योग

नौवां दिन सिद्धिदात्री देवी


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