
काले पत्थर का शिवलिंग सबसे प्रचलित और शास्त्रसम्मत माना जाता है। अधिकतर मंदिरों में यही शिवलिंग स्थापित होता है। इस शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित करने से मनुष्य के पापों का नाश, जीवन की रुकावटों से मुक्ति और आंतरिक शांति प्राप्त होती है। नियमित अभिषेक करने से व्यक्ति का मन शिव भक्ति में स्थिर होता है और आध्यात्मिक उन्नति होती है।
काले पत्थर का शिवलिंग भगवान शिव की शक्ति, स्थिरता और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। यह नकारात्मक ऊर्जा को अवशोषित कर घर में शांति, समृद्धि और सकारात्मकता लाता है। यह आत्म-विश्वास और ध्यान में वृद्धि के लिए एक दिव्य और आध्यात्मिक रूप से प्रभावशाली माध्यम है।
महत्व: काला शिवलिंग नकारात्मक विचारों को सोख लेता है और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देता है। यह आध्यात्मिक विकास के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
घर के लिए: घर के मंदिर में अंगूठे के बराबर आकार के काले पत्थर के शिवलिंग की स्थापना उत्तम मानी गई है, जो घर के वातावरण को शांत और आध्यात्मिक बनाती है।
पूजा विधि: शिवलिंग पर नियमित रूप से जल, दूध, और बेलपत्र अर्पित करना अत्यधिक फलदायी होता है, जो सुख-शांति और पति-पत्नी के रिश्तों में मधुरता लाता है।
विशेषताएं: ये हस्तनिर्मित होते हैं, अत्यधिक मजबूत होते हैं, और इनका रंग गहरा, पॉलिश किया हुआ या प्राकृतिक हो सकता है, जो अक्सर ग्रेनाइट से बने होते हैं।
काले पत्थर के शिवलिंग को शिव और शक्ति के मिलन के रूप में भी जाना जाता है।