
16 Nov 2022
अधिकांश हिंदू घरों में तुलसी का पौधा होता है और लोग स्नान करने के बाद पौधे पर जल चढ़ाते हैं. *मान्यता है कि रविवार, एकादशी और ग्रहण के दिन तुलसी को जल नहीं चढ़ाना चाहिए.* पत्ते भी नहीं तोड़े जाने चाहिए. इससे नुकसान हो सकता है
तुलसी को काफी शुभ और पवित्र माना जाता है. तुलसी को देवी लक्ष्मी का एक रूप भी माना जाता है. ऐसा कहा जाता है कि जिस घर में तुलसी का पौधा होता है वहां हमेशा लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहती है. इसलिए अधिकांश हिंदू घरों में तुलसी का पौधा होता है और लोग प्रतिदिन स्नान करने के बाद पौधे पर जल चढ़ाते हैं. मान्यता है कि रविवार, एकादशी और ग्रहण के दिन तुलसी को जल नहीं चढ़ाना चाहिए. पत्ते भी नहीं तोड़े जाने चाहिए. इससे नुकसान हो सकता है.
वहीं वास्तु शास्त्र में भी तुलसी
का जिक्र है. इसमें कहा गया है कि तुलसी ऊर्जा का संचार करती है. ऐसे में यहां हम आपको तुलसी के धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व बताने जा रहे हैं.
तुलसी के पौधे के 5 महत्व
1. तुलसी या वृंदा को स्वर्ग का प्रवेश द्वार या बैकुंठ, भगवान विष्णु का निवास माना जाता है. और इसलिए, वह भक्तों को उनके अंतिम लक्ष्य, मोक्ष के करीब पहुंचने में मदद करती है.
2. तुलसी के विभिन्न भागों को सनातन धर्म के विभिन्न देवताओं और पवित्र ग्रंथों का निवास माना जाता है. इसके अलावा, चूंकि उन्हें देवी लक्ष्मी का भौतिक अवतार माना जाता है, इसलिए शांति और समृद्धि के लिए उनकी हर दिन पूजा की जाती है.
3. तुलसी वास्तु दोष को भी खत्म करने में मदद करता है. ज्यादातर हिंदू घरों में तुलसी के पौधे के लिए एक विशेष स्थान बनाया जाता है. यहां तुलसी की परिक्रमा भी की जाती है. तुलसी की उपस्थिति बुराई और नकारात्मकता को दूर करने में मदद करती है.
4. तुलसी के पौधे में औषधीय गुण होते हैं, और इसलिए इसका उपयोग सामान्य सर्दी, खांसी और अन्य बीमारियों से लड़ने के लिए किया जाता है. इसके अलावा, यह इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने में मदद करता है.
5. ऐसा कहा जाता है कि सुबह उठकर तुलसी के ग्यारह पत्ते तोड़कर आटा रखने वाले बर्तन में रखने से सकारात्मक बदलाव दिखता है. इससे धन लाभ भी होता है.
तुलसी पूजा में भूलकर भी न करें ये गलतियां, हो सकती है धन हानि, यहां जानें सही पूजा विधि
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नियमित रूप से तुलसी पूजन करने से घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है लेकिन तुलसी पूजा को करते समय नियमों को ध्यान में रखना बहुत आवश्यक होता है। माना जाता है कि यदि आप गलत तरह से पूजन करते हैं या पूजा करते समय कुछ गलतियां करते हैं तो आपको धन हानि का सामना करना पड़ सकता है।
यहां जानिए तुलसी पूजन के नियम और विधि।
जहां आयुर्वेद में तुलसी को बेहद लाभप्रद माना जाता है तो वहीं हिंदू धर्म में तुलसी को बहुत ही पवित्र व पूजनीय माना जाता है। वास्तु में भी तुलसी को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाला पौधा कहा गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जहां पर तुलसी का पौधा लगा होता है और प्रतिदिन उसकी पूजा की जाती है व जल से सींचा जाता है, वहां पर सदैव भगवान विष्णु व मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। ऐसे घरों में कभी भी खुशहाली व धन-धान्य की कमी नहीं होती है, लेकिन तुलसी पूजन करते समय भी कुछ बातों को ध्यान में रखना बहुत आवश्यक होता है। तुलसी पूजन के समय की गई कुछ गलतियों के कारण आपको धन हानि उठानी पड़ सकती है। तो चलिए जानते हैं तुलसी पूजन की सही विधि।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नियमित रूप से तुलसी पूजन करने से घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है लेकिन तुलसी पूजा को करते समय नियमों को ध्यान में रखना बहुत आवश्यक होता है। माना जाता है कि यदि आप गलत तरह से पूजन करते हैं या पूजा करते समय कुछ गलतियां करते हैं तो आपको धन हानि का सामना करना पड़ सकता है। यहां जानिए तुलसी पूजन के नियम और विधि।
जहां आयुर्वेद में तुलसी को बेहद लाभप्रद माना जाता है तो वहीं हिंदू धर्म में तुलसी को बहुत ही पवित्र व पूजनीय माना जाता है। वास्तु में भी तुलसी को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाला पौधा कहा गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जहां पर तुलसी का पौधा लगा होता है और प्रतिदिन उसकी पूजा की जाती है व जल से सींचा जाता है, वहां पर सदैव भगवान विष्णु व मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। ऐसे घरों में कभी भी खुशहाली व धन-धान्य की कमी नहीं होती है, लेकिन तुलसी पूजन करते समय भी कुछ बातों को ध्यान में रखना बहुत आवश्यक होता है। तुलसी पूजन के समय की गई कुछ गलतियों के कारण आपको धन हानि उठानी पड़ सकती है। तो चलिए जानते हैं तुलसी पूजन की सही विधि।
तुलसी पूजा करते समय न करें ये गलतियां
:- यदि आप प्रतिदिन तुलसी पूजन करते हैं और जल चढ़ाते हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि रविवार के दिन तुलसी में जल नहीं चढ़ाना चाहिए।
:- यदि आप संध्याकाल में पूजन कर रहे हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि तुलसी को दूर से ही प्रणाम करें, भूलकर भी शाम को तुलसी के पौधे को स्पर्श नहीं करना चाहिए।
:- अक्सर हम लोग तुलसी में जब दीपक जलाते हैं तो आसन नहीं देते हैं लेकिन तुलसी में दीपक जलाते समय अक्षत (चावल) का आसन देना चाहिए।
:- मान्यता के अनुसार महिलाओं को तुलसी पूजन करते समय बालों को खुला नहीं रखना चाहिए, अन्य पूजा अनुष्ठानों की तरह तुलसी पूजा करते समय भी बालों को बांधकर रखना चाहिए।
:- कई बार देखने में आता है कि घर के सभी सदस्य एक-एक करके तुलसी में जल अर्पित करते हैं लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। अधिक जल से तुलसी की जड़ को नुकसान पहुंचता है जिससे वे सूख जाती हैं और तुलसी का सूखना शुभ नहीं माना जाता है।
:- अक्सर लोग तुलसी को चुनरी ओढ़ाने के बाद उसे बदलते नहीं हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। अन्य देवी-देवताओं की तरह तुलसी के वस्त्र भी बदलते रहना चाहिए।
:- तुलसी के पौधे को संध्या काल में छूना वर्जित बताया गया है। यदि आपको पूजन या अन्य की काम के लिए तुलसी तोड़ना हो तो सुबह का समय ही सही रहता है।
:- तुलसी तोड़ते समय ध्यान रखें कि पहले प्रणाम करने के बाद ही पत्ते तोड़े इसके साथ ही इस बात को भी ध्यान में रखना चाहिए कि तुलसी कभी भी नाखून से खींचकर नहीं तोड़ना चाहिए।
इस दिन नहीं दिया जाता है तुलसी में जल, मान्यता है रूठ जाती हैं मां लक्ष्मी
कई घरों में तुलसी की पूजा की जाती है. तुलसी के बारे में ऐसी मान्यता है कि यह भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप है. इसके अलावा तुलसी में मां लक्ष्मी का वास माना गया है.
खास बातें
तुलसी को माना जाता है पवित्र.
तुलसी की होती है पूजा.
तुलसी से मां लक्ष्मी का संबंध माना गया है.
हिंदू धर्म को मानने वाले अमूमन हर लोग अपने घर में तुलसी का पौधा लगाते हैं. कई घरों में तुलसी के पौधे की पूजा की जाती है. तुलसी के पौधे के बारे में ऐसी मान्यता है कि यह भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप है. माना जाता है कि तुलसी भगवान श्रीकृष्ण को प्रिय है. इस धार्मिक मान्यता को ध्यान में रखकर कई लोग शाम के वक्त तुलसी के नीचे दीया भी जलाते हैं.
तुलसी से जुड़े कई नियम वास्तु शास्त्र में भी बताए गए हैं.
आइए जानते हैं तुलसी से जुड़े कुछ खास नियम.
तुलसी से जुड़े वास्तु नियम
-तुलसी के पौधे में जल देने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है. जो कि आज भी जीवंत है.
लेकिन, धार्मिक मान्यतानुसार एकादशी, रविवार, सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण के दिन तुलसी में जल देने की मनाही है.
मान्यतानुसार, शाम ढलने के बाद तुलसी के पत्तों को तोड़ने से भी मना किया जाता है. माना जाता है कि ऐसा करने से दोष लगता है. इसलिए कुछ लोग ऐसा करने से बचते हैं.
-कहा जाता है कि जो कोई गुरुवार को तुलसी के पौधे में दूध अर्पित करता है और रविवार को छोड़कर प्रतिदिन शाम के समय तुलसी के नीचे घी का दीया जलाते हैं, उनके घर मां लक्ष्मी का हमेशा वास होता है.
धार्मिक मान्यता है कि घर में कभी भी सूखा हुआ तुलसी का पौधा नहीं रखना चाहिए. दरअसल इसे अशुभ माना गया है. कहा जाता है कि सूखे हुए तुलसी के पौधे को किसी पवित्र नदी में प्रविहित कर देना चाहिए और उसकी जगह नया पौधा लगाना चाहिए.
-वास्तु शास्त्र के अनुसार तुलसी को दक्षिण दिशा में नहीं लगाया जाता है. माना जाता है कि इस दिशा में लगाई गई तुलसी हमेशा अशुभ फल देती है. तुलसी लगाने के लिए उत्तर दिशा का इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा तुलसी को हमेशा गमले में लगया जाता है. कहा जाता है घर में जमीन पर लगाया हुआ तुलसी का पौधा अशुभ फल देता है.
बृहस्पतिवार को तुलसी का यह एक उपाय आपको बना सकता है मालामाल
गुरुवार को तुलसी की पूजा कैसे करें
तुलसी का पेड़ हर घर के आंगन की शोभा होता है। कहते हैं कि तुलसी का पेड़ घर में होने से हमेशा मां लक्ष्मी का वास होता है। हिंदू मान्यताओं में प्राचीन काल से ही तुलसी के पौधे को विष्णु प्रिया के रूप में पूजा जाता रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार वृंदा के रूप में तुलसी भगवान विष्णु की परम भक्त थीं। धर्म ग्रंथों के अलावा वास्तु विज्ञान में भी भी तुलसी का खूब महत्व बताया गया है। इसमें औषधीय गुण होने की वजह से इसे चमत्कारिक पौधा भी माना जाता है।
आइए जानें तुलसी के कुछ उपायों को जिन्हें गुरुवार के दिन आजमाकर आप लाभ पा सकते हैं।
बृहस्पतिवार को करें यह उपाय
बृहस्पतिवार का दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है इसलिए इस दिन श्रीहरि को प्रसन्न करने के लिए तुलसी की पूजा की जाती है। गुरुवार को स्नान के बाद तुलसी की जड़ को कच्चे दूध से सींचना चाहिए। इसके अलावा शाम के वक्त तुलसी के पेड़े को घी का दीपक जलाना चाहिए। ऐसा करने से तुलसी माता प्रसन्न होती है। तुलसी को मां लक्ष्मी का ही रूप माना जाता है। इसलिए तुलसी को प्रसन्न करने से आपके घर में सदैव मां लक्ष्मी का वास होता है आपको धन की प्राप्ति होती है।
तुलसी में कब-कब नहीं देना चाहिए पानी
तुलसी के पौधे में पानी देने को लेकर लोगों के बीच कई प्रकार के मत रहते हैं। हम आपको बता रहे हैं कि शास्त्रों के अनुसार तुलसी के पौधे में कब-कब पानी नहीं देना चाहिए। प्रत्येक रविवार को, एकादशी तिथियों पर और इसके अलावा सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण के दिन तुलसी के पौधे में पानी नहीं देना चाहिए। इन सभी दिनों के अलावा सूर्यास्त के बाद तुलसी के पत्ते को नहीं तोड़ना चाहिए। ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं और आपके घर में कंगाली पांव पसारने लगती है
सूखे हुए तुलसी के पेड़ का क्या करें
एक बात का ध्यान रखें कि घर में कभी भी सूखा हुआ तुलसी का पौधा न रखें। तुलसी का पौधा मुरझाना बिल्कुल भी अच्छा नहीं माना जाता है। यह आपके घर में आर्थिक तंगी को दर्शाता है। तुलसी का पौधा सूखने पर उसे गमले में से तुरंत निकालकर उसे किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर दें या फिर कुएं में डाल दें। उसके स्थान पर गमले में तुलसी का नया पौधा लगाएं।
इस दिशा में रखना चाहिए तुलसी का पौधा
तुलसी के पौधे को दैवीय औषधि माना जाता है। इसलिए इस पौधे को सदैव उत्तर दिशा या पूर्व दिशा या फिर उत्तर-पूर्व दिशा में रखना चाहिए। इन दिशाओं में रखने पर तुलसी सदैव हरी-भरी रहती हैं। इस पौधे को दिन में लगभग छह से आठ घंटे धूप की आवश्यकता होती है। इसलिए इसे ऐसे स्थान पर रखें जहां पर पर्याप्त धूप मिल सके।