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जानिए भगवान शिव की चमत्कारी गुफा के बारे में

जम्मू से करीब 140 किमी की दूरी पर ऊधमपुर नामक जगह पर भगवान शिव की चमत्कारी गुफा मौजूद है। शिवखोड़ी नामक इस गुफा के अंदर जाने की हिम्मत कोई भी नहीं करता है। लेकिन इस पवित्र गुफा के दर्शन के लिए रोजाना बड़ी तादात में भक्त आते हैं। माना जाता है कि जो भी व्यक्ति इस गुफा के अंदर गया है, वह आज तक वापस नहीं आया।


यहां के स्थानीय लोगों का मानना है कि प्राचीन समय में इसी गुफा से होकर साधु-संत बाबा अमरनाथ जाते थे। लेकिन कलियुग में कोई ऐसा महापुरुष नहीं हुआ, जो इस गुफा में प्रवेश करने की हिम्मत रखता हो। इस पवित्र गुफा में जो भी प्रवेश करता है, वह लौटकर वापस नहीं आता है।


पौराणिक कथा


शिवखोड़ी गुफा से जुड़ी एक पौराणिक कथा है। पौराणिक कथा के मुताबिक इस गुफा को स्वयं भगवान शिव ने बनाया था। भस्मासुर ने तप करके महादेव को प्रसन्न किया था और शिवजी से यह वरदान पाया कि वह जिसके भी सिर पर हाथ रखे, वह भस्म हो जाएगा। शिवजी ने असुर को वरदान तो दे दिया, लेकिन वह उसकी मंशा से अवगत नहीं थे। वरदान मिलते भस्मासुर ने शिवजी के सिर पर हाथ रखकर उनको भस्म करना चाहा।


तब भगवान शिव और भस्मासुर में भीषण युद्ध हुए और इसके बाद भी भस्मासुर ने हार नहीं मानी। ऐसे में महादेव वहां से निकलकर ऊंची पहाड़ी पर पहुंचे और वहां पर एक गुफा बनाकर उसमें छिप गए। माना जाता है कि शिव खोड़ी वही गुफा है, जहां पर शिवजी छिपे थे। भगवान शिव के छिप जाने के बाद भगवान विष्णु ने सुंदर स्त्री का रूप लिया, जिसको देखकर भस्मासुर मोहित हो गया और सुंदरी रूप में विष्णु के साथ नृत्य में भस्मासुर भगवान शिव द्वारा दिए गए वरदान को भूल गया।


ऐसे में भस्मासुर ने नृत्य के दौरान अपने सिर पर हाथ रख लिया और वह भस्म हो गया। शिवखोड़ी गुफा में रोजाना हजारों की संख्या में भक्त मन्नत मांगने के लिए आते हैं। माना जाता है कि जो भी सच्चे दिल से यहां आकर मन्नत मांगता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है।

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