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नवरात्री के चौथे दिन करें कूष्मांडा की पूजा

कूष्मांडा मां दुर्गा का चौथा स्वरुप है| नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है| कूष्मांडा का अर्थ है कुम्हड़े, संस्कृत में कुम्हड़े को कूष्मांडा कहते हैं| मां कूष्मांडा को कुम्हड़े की बलि सबसे ज़्यादा प्रिय है|


मां कूष्मांडा की आठ भुजाएँ हैं. इन भुजाओं में कमंडल, धनुष-बाण, कमल पुष्प, शंख, चक्र, गदा, जपमाला रहते हैं| मान्यता के अनुसार, दुर्गा मां के कूष्मांडा रूप की आराधना करने से देवी आशीष प्रदान करती हैं और सभी दुखों का नाश होता है|


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