
31 Jul 2023
शिवराज सरकार के मौजूदा कार्यकाल में प्रदेश को लगे विकास के पंख, देश में कई स्थानों पर प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ योगदान
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश की नींव लगातार मजबूत होती जा रही है। प्रदेश भाजपा सरकार के मौजूदा कार्यकाल में विकास के कई काम तथा अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चल रही है। जिसका फायदा प्रदेश के लोगों समेत हितग्राहियों को मिल रहा है। धार्मिक नगरी उज्जैन को भी मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप स्मार्ट सिटी में तब्दील किया जा रहा है। महाकाल क्षेत्र विस्तारीकरण सहित अन्य निर्माण कार्यों की दर्जनों योजनाओं के काम दिन-रात चल रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जब चौथी बार मध्य प्रदेश की कमान संभाली थी। इस दौरान पूरी दुनिया तथा देश कोरोना महामारी से जूझ रहा था। महामारी के कारण देश की आर्थिक विकास की गति लगातार दो साल थमी रही थी। बावजूद इसके उनके नेतृत्व में कोरोना महामारी की चुनौतियों पर काबू पाते हुए मध्य प्रदेश ने वर्ष 2021 की शुरुआत से ही एक नया इतिहास लिखना शुरू कर दिया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश की नींव मजबूत हुई है साथ ही धार्मिक नगरी उज्जैन को भी विकास के नए पंख लग गए। उज्जैन में श्री महाकाल लोक के पहले चरण का कार्य पूर्ण हो चुका है। दूसरे चरण के कार्य लगातार चल रहे हैं। इसके अलावा कुछ दिन पहले प्रदेश सरकार ने उज्जैन में फ्रीगंज ओवर ब्रिज के समानांतर नए ब्रिज के निर्माण के लिए 92 करोड़ से अधिक की राशि को भी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। उज्जैन सहित प्रदेश में ऐसे कई विकास कार्य और जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित हो रही है जिनका फायदा सीधे-सीधे प्रदेश की जनता और उज्जैन वासियों को मिल रहा है। 2 माह पहले शिवराज सिंह चौहान सरकार ने प्रदेश की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लाडली बहना योजना शुरू की है। प्रदेश समेत उज्जैन जिले की लाखों महिलाएं इस योजना का लाभ लेने लगी है। इस तरह की अन्य योजनाएं और विकास कार्य भी पूरे प्रदेश में संचालित हो रहे हैं।
“लाडली बहन योजना”

प्रदेश की मुख्य लाडली बहन योजना मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा प्रदेश की महिला बहन बेटियों को स्वस्थ , आत्म सम्मान, व उन पर आश्रित बच्चों के लिए लाडली बहन योजना को शुरू किया है । जिसमें मुख्यमंत्री द्वारा सवा करोड़ बहनों के खाते में 1000 की राशि स्थानांतरण की जा रही है जिसे मुख्यमंत्री द्वारा आगामी दिनों में बढ़ाकर 3000 किया जाएगा इस राशि से महिलाओं को अपने स्वरोजगार और जीविका में सुधार करने के लिए अग् रहेगी वाह साथ ही अपने परिवार की आवश्यकता है पूरी करने में मदद कर सकती है । आज इस योजना का प्रदेश कहीं बहने फायदा ले रही है ।मुख्यमंत्री द्वारा अब इसे 21 से लेकर 60 साल की वर्ष की महिलाओं को फायदा दिया जा रहा है।इस योजना का लाभ प्राप्त कर महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो सकेगी।
“चीतों को बसाने का सराहनीय प्रयास..”
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में पालपुर कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों को पुनर्स्थापित करने का सपना साकार हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर 2022 को अपने जन्मदिन पर नामीबिया से लाए गए चीतों को पालपुर कुनो में छोड़ा। विश्व के वन्यजीव इतिहास में यह एक अनोखी और अभूतपूर्व घटना थी। इससे मध्य प्रदेश को वैश्विक पहचान मिली। उस दौरान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भारत में चीतों की वापसी ने एक बार फिर जैव विविधता की टूटी हुई कड़ी को जोड़ दिया है। भारत का प्रकृति के प्रति सचेतन प्रेम भी पूरी ताकत से जाग उठा है। आज भारत की धरती पर चीता लौट आया है। आजादी के अमृत महोत्सव में देश चीतों के पुनर्वास के लिए नई ऊर्जा के साथ काम में जुट गया है। उन्होंने कहा था कि प्रकृति एवं पर्यावरण की सुरक्षा में ही भविष्य सुरक्षित है।

“डंप स्थल बना ग्रीन जोन...”
धार्मिक नगरी उज्जैन के पड़ोसी शहर इंदौर में पर्यावरण के इतिहास का एक नया अध्याय शुरू हो गया है। शहरों को कूड़े के ढेर से मुक्त करने के इंदौर मॉडल ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा। यह अन्य शहरों के लिए प्रेरणा बनेगा। इंदौर का देवगुराड़िया क्षेत्र कभी कचरा डंप स्थल के रूप में जाना जाता था, अब 100 एकड़ डंप स्थल को ग्रीन जोन में बदल दिया गया है। इंदौर में गोबर-धन बायो-सीएनजी प्लांट की स्थापना के साथ अपशिष्ट से धन और चक्रीय अर्थव्यवस्था की परिकल्पना साकार हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने इंदौर में गोबर-धन बायो सीएनजी प्लांट का वर्चुअल उद्घाटन किया था। खुद प्रधानमंत्री ने ग्लासगो जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन में 2070 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन हासिल करने का लक्ष्य दोहराया था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्य प्रदेश इसमें अपना योगदान दे रहा है। लक्ष्य बड़ा है लेकिन शुरुआत उत्साहवर्धक और ऊर्जा से भरपूर है।
“अद्भुत ,अद्वितीय श्रीमहाकाल लोक..”

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली प्रदेश भाजपा सरकार ने श्री महाकाल विस्तारीकरण योजना के तहत महाकालेश्वर मंदिर के पीछे स्थित रुद्रसागर क्षेत्र में 750 करोड़ रुपए की लागत से श्री महाकाल लोक निर्माण शुरू कर आया था। इसके पहले चरण का काम पिछले वर्ष पूर्ण हो गया था और 11 अक्टूबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उज्जैन में श्री महाकाल लोक का लोकार्पण किया गया था।।भारत के आध्यात्मिक इतिहास की एक अभूतपूर्व घटना है। प्रधानमंत्री के मुताबिक भारत के सांस्कृतिक गौरव की बहाली से न सिर्फ भारत को बल्कि पूरी दुनिया और पूरी मानवता को फायदा होगा। प्रधानमंत्री ने अपने आध्यात्मिक रूप से संचालित संबोधन में कहा कि 'श्री महाकाल महलोक' दिव्य है।यहां की हर चीज़ अलौकिक, अविस्मरणीय और अविश्वसनीय है। महाकाल की पूजा अनंत तक की शाश्वत यात्रा है, आनंद की यात्रा है। महाकाल लोक आने वाली कई पीढ़ियों को अलौकिक दिव्यता और सांस्कृतिक ऊर्जा की चेतना प्रदान करेगा। उन्होंने इस अद्भुत कार्य के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बधाई दी थी। महाकाल विस्तारीकरण योजना के दूसरे चरण के काम भी तेजी से पूरे हो रहे हैं और जून माह तक इन्हें पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

“जल ,जंगल और जमीन का अधिकार मिला...”
श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली प्रदेश भाजपा सरकार ने आदिवासी समुदाय के हित में पेसा कानून लागू किया । यह सरकार का अभूतपूर्व निर्णय है। पेसा कानून आदिवासी समुदाय को सफलता के शिखर पर ले जायेगा। आदिवासी बहुल विकासखंडों में पेसा कानून लागू होने से आदिवासी समुदाय को जल, जंगल और जमीन का अधिकार मिलेगा। पेसा कानून के माध्यम से आदिवासियों के जीवन में बदलाव का काम शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इसे महाअभियान का रूप दिया है। हर गांव में समितियां गठित की जाएंगी। इन समितियों में एक तिहाई सदस्य महिलाएँ होंगी। ग्राम सभाओं को अपने गांव के जल, जंगल और जमीन का उपयोग करने का पूरा अधिकार होगा। आदिवासी समुदाय को हड़पी गयी जमीन पर उनका अधिकार वापस दिलाया जायेगा. गांव की रेत, बजरी और पत्थर पर पहला अधिकार आदिवासी सहकारी समितियों का होगा।
“ग्राम सभाओं को दिए अधिकार....”
अब लघु वन संपदा जैसे अचार गुठली, महुआ फूल, महुआ गुल्ली, हर्रा, बहेड़ा, बांस, आंवला, तेंदूपत्ता आदि को बेचने, चुनने और मूल्य निर्धारित करने का अधिकार ग्राम सभा को होगा। इसके साथ ही ग्राम सभा अमृत सरोवर और तालाबों का प्रबंधन भी करेगी। ग्राम सभा तालाबों में सिंघाड़ा उगाने, मछली पालन और मत्स्य पालन के लिए भी सहमति देगी।
“रोज़गार... एक लाख भर्तियों का लक्ष्य”
वर्ष 2022 में राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए एक मिशन के रूप में काम करते हुए अगले एक वर्ष में 1 लाख पदों पर भर्ती करने का बड़ा निर्णय लिया गया। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ विक्रेता योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, पीएम स्वनिधि योजना, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में पिछले एक वर्ष में 31 लाख 19 हजार से अधिक स्वरोजगार के अवसर सृजित हुए। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना एवं संत रविदास स्वरोजगार योजना का प्रदेश के लोगों को लगातार फायदा मिल रहा है।
“पीएम मोदी ने की सराहना....”
प्रधानमंत्री मोदी ने छतरपुर में गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण बढ़ाने के प्रयास को छतरपुर जिले की बड़ी उपलब्धि और अन्य जिलों के लिए उदाहरण बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यक्रम 'मन की बात' में कुपोषण दूर करने के लिए दतिया जिले में शुरू किए गए 'मेरा बच्चा अभियान' की सफलता पर इस अभियान की सराहना की. 'मेरा बच्चा अभियान' से न केवल आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने में मदद मिली बल्कि कुपोषण में भी कमी आई।
“हर घर जल पहुंचाने में तीसरा स्थान....”
वित्तीय वर्ष 2021-22 में भारत सरकार की जल जीवन मिशन योजना में 2790 करोड़ रूपये की राशि का उपयोग करते हुए केन्द्रांश-राज्यांश की राशि व्यय करने में मध्य प्रदेश प्रथम स्थान पर है। हर घर जल उपलब्ध कराने में मध्य प्रदेश तीसरे स्थान पर है।
“आर्थिक विकास दर देश में सबसे ऊंची...”
वर्ष 2022 में आर्थिक क्षेत्र में राज्य की उल्लेखनीय सफलता को भी रेखांकित किया गया है। हाल ही में मध्य प्रदेश के दौरे पर आईं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी इस सिलसिले में राज्य की सराहना की। वित्तीय एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन (पीएएम) के क्षेत्र में राज्य आगे रहा है। आर्थिक विकास दर 19.74 फीसदी रही, जो देश में सबसे ज्यादा है. प्रदेश हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। राज्य ने वित्तीय प्रबंधन में अनेक अनुकरणीय नवाचार स्थापित किये।
“मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना”
“मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना” की शुरूवात प्रदेश में की गई है।जिस के तहत प्रदेश के बेरोजगार युवा अपनी पसंद का काम सीखेंगे और साथ ही उन्हें प्रतिमाह 8 से 10 हजार रूपये भी दिए जायेंगे। इस योजना का लाभ बारहवीं से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन पास आवेदक ले पाएंगे। एमपी सरकार द्वारा प्रदेश के युवाओ को रोजगार दिलाने के लिए इस योजना को प्रारम्भ किया गया है।मुक्यमंत्री द्वारा युवाओ को आज प्रदेश में आत्मनिर्भर और सशक्त बानया जा रहा है।
“किसान ऋण माफी योजना”
2 लाख रूपये तक के किसानों पर बकाया ब्याज की राशि 2 हजार 123 करोड़ रूपये माफ करने के लिए ब्याज माफी योजना शुरू की है । मुख्यमंत्री श्री चौहान की घोषणा "जो किसान ऋण माफी के चक्कर में डिफाल्टर हो गये हैं, उनके ब्याज की राशि सरकार द्वारा भरी जायेगी" ऐसे डिफॉल्टर किसान, जिन पर प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के 31 मार्च, 2023 की स्थिति में मूल एवं ब्याज को मिला कर 2 लाख रूपये तक का ऋण बकाया है, के ब्याज की भरपाई राज्य शासन द्वारा की जायेगी।जिस से किसानो को आपने फसल और बिज़ लेने के लिए अन्य किसी के चाकर लगाने की कोई आवश्यकता नहीं है। आज प्रदेश का किसान इस योजना से सुख और समृद्धि की ओर बढ़ रहा है ।मुख्यमंत्री द्वारा किसानों को भी आत्मनिर्भर बनाने की एक पहल है।
“आत्मनिर्भर भारत में सर्वश्रेष्ठ योगदान....”

2022 के महत्वपूर्ण पड़ावों में गरीबों को मुफ्त आवास, रेहड़ी-पटरी वालों को ब्याज मुक्त ऋण, महिलाओं को स्वरोजगार के लिए बैंक लिंकेज, किसानों को सम्मान निधि, प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करना, खेती के लिए ड्रोन प्रणाली की शुरुआत, सिंचाई के तहत क्षेत्रों में वृद्धि, आंगनबाड़ियों में सार्वजनिक भागीदारी, औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश, सुशासन के माध्यम से सुराज और लाडली लक्ष्मी योजना-2 की शुरूआत शामिल हैं।17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुरू हुआ मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान 45 दिनों तक चला। इस दौरान शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 28 हजार 600 शिविर लगाये गये। इन शिविरों में प्राप्त आवेदनों का संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया गया। केंद्र और राज्य सरकार की 38 हितग्राही मूलक योजनाओं के लिए 83 लाख आवेदन स्वीकृत किये गये। नए साल की शुरुआत से ही सभी 83 लाख नए लाभार्थियों को लाभ मिलना शुरू हो जाएगा ।
Article by
Vijay Sharma
Editor & Publisher Malwa Herald