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हाल ए लोकपाल

18 May 2023

लोकपाल - भ्रष्टाचार से लड़ने का हथियार

दैनिक मालवा हेराल्ड | अन्ना हजारे आंदोलन के बाद बने केन्द्रीय लोकपाल के पास 2019 से अब तक 8703 शिकायतें आई लेकिन उनमें से 5981 बिना कार्यवाही के निरस्त कर दी गई क्योंकि वे तकनीकी रूप से सही प्रारूप (अंग्रेजी) में नहीं थी। सिर्फ 3 शिकायतों में जांच पूरी हुई तथा 36 की जांच अभी प्राथमिक स्तर पर ही चल रहीं हैं। 2022-23 में 2760 शिकायतें मिली जिनमें से 242 ही सही प्रारूप में थी। अभी तक लोकपाल ने भ्रष्टाचार के एक भी दोषी से पूछताछ नहीं की है। वर्तमान में लोकपाल प्रदीप कुमार मोहंती हैं और गत वर्ष लोकपाल द्वारा 152 करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं। मध्यप्रदेश में लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू में आईएएस,आईपीएस,आईएफ‌एस के 40 केस लंबित हैं, उसमें से 29 में सरकार द्वारा केस चलाने की स्वीकृति नहीं दी गई हैं। केस दर्ज होने के बाद राज्य अभियोजन की स्वीकृति के लिये केन्द्र को भेजता हैं तथा वहां से मंजुरी मिलने के बाद ही राज्य स्वीकृति देता हैं। कई मामलों में देखने में आया है कि राज्य ही इन मामलों को केन्द्र के पास भेजने में देरी करता हैं।

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