
भागदौड़ से भारी जिंदगी में पीठ और कमर दर्द एक आम समस्या है। बेलन थेरेपी एक प्राकृतिक और बिना दवा की जानी वाली मालिश है, जिसमें लकड़ी के बेलन का उपयोग करके पीठ, गर्दन, कंधों और पैरों की मांसपेशियों के दर्द से राहत पाई जाती है। यह थेरेपी रक्त संचार को बेहतर बनाने, मांसपेशियों के तनाव को कम करने और सूजन को दूर करने में सहायक है। बेलन से मालिश कर दर्द से राहत देने वाली पद्धति 5 हजार साल पुरानी है। महाभारत काल में भी युद्ध के दौरान घायलों के दर्द का उपचार इसी तरीके से होता था।
बेलन थेरेपी के लाभ
पीठ के निचले हिस्से, गर्दन, कंधे, और घुटनों में होने वाले दर्द के लिए बेलन थेरेपी एक असरदार घरेलू उपाय है। यह ब्लड सर्कुलेशन ठीक रखने में मदद करता है, बेलन मांसपेशियों पर रोल करने से रक्त प्रवाह बेहतर रखने में मदद करता है। एक्सरसाइज के बाद मांसपेशियों पर बेलन का उपयोग करने से तेजी से राहत मिलती है। बेलन नसों को खोलने और मांसपेशियों में जकड़न को कम करने में मदद करता है, जिससे एसिडिटी की समस्या वालों को भी राहत मिलती है।
बेलन थेरेपी करने की विधि
बेलन थेरेपी में एक मजबूत लकड़ी से बने बेलन की आवश्कता पड़ती है, रोटी बनाने वाला बेलन इस पद्धति के लिए सबसे उपयुक्त होता है। जमीन पर पेट के बल लेटकर अथवा कुर्सी पर आरामदायक मुद्रा में बैठकर बेलन थेरेपी ली जा सकती है। इसमें कमर या पीठ के ऊपरी हिस्से पर बेलन को हल्के से मध्यम दबाव के साथ ऊपर-नीचे घुमाना रहता है। प्रभावित हिस्से पर लगभग 30 से 60 सेकंड का उपयोग बेहतर परिणाम देता है।
विशेष सावधानी - इस थेरेपी को किसी योग्य व्यक्ति की मदद से हलके बल प्रयोग से करना होता है।