
उज्जैन। चामुंडामाता मंदिर के सामने 3.50 करोड़ लागत का नगर वन विकसित किया जा रहा है। यह अभी सबसे प्रदूषित क्षेत्र है, लेकिन वन विकसित होने से यह सबसे स्वच्छ और कम प्रदूषित हो जाएगा। इसके लिए अवतरण वन विकसित करने की योजना है। इसमें लकड़ी का फुटपाथ बनाया जाएगा, जिस पर लोग घूम सकेंगे। आंधी तूफान में गिरे तथा चौड़ीकरण प्रभावित क्षेत्र के विस्थापित पेड़ों को भी यहां नया जीवन मिल रहा है।

चामुंडा माता मंदिर के सामने करीब 10 एकड़ जमीन पर नगर वन विकसित किया जा रहा है। इसमें अवतरण उद्यान भी बनाया जा रहा। इसमें लोगों को घूमने के लिए लकड़ी का फुटपाथ भी बनाया जा रहा है। उद्यान में एक नर्सरी विकसित की जा रही है, जहां लोग पौधा लगाकर उसकी देखभाल भी कर सकेंगे।

इसके लिए शुल्क का भी प्रस्ताव है। लोगों को यहां तीन साल तक पौधों को बड़ा करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। शहर का यह सबसे सुंदर उद्यान होगा। नगर वन परिसर में वन विभाग की भी जमीन है। इसमें नगर वन विकसित किया जा रहा है। परिसर में पुराने समय के बड़े पेड़ हैं। इनको भी सुंदर रूप दिया जा रहा है।
सबसे ज्यादा वायु प्रदूषण इसी चौराहे पर...
प्रदूषण विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार चामुंडा माता चौराहे पर प्रदूषण का स्तर शहर के अन्य चौराहों के मुकाबले हमेशा अधिक रहता है। यह शहर का सबसे प्रदूषित क्षेत्र है। नगर वन विकसित होने से यह सबसे स्वच्छ और सुंदर हो जाएगा। करीब साढ़े तीन करोड़ की लागत से इस पूरे क्षेत्र को विकसित किया जा रहा है। ताकि जल्दी काम पूरा कर लोकार्पण किया जा सके।
काम तेजी से पूरा करने का दावा...
नगर वन का काम ठेकेदार को जल्द काम पूरा करने का टारगेट दिया गया है। निगम के ठेकेदार द्वारा युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि स्वतंत्रता दिवस के पूर्व नगर वन के विकास का काम पूरा कर लिया जाएगा।
जर्जर हो चुकी बावड़ी सजेगी और संवरेगी...

नगर वन परिसर में पुरानी बावड़ी का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। यह पहले लुप्त ही हो गई थी। इसे वापस नया रूप दिया जा रहा है। इसका आधा काम भी हो चुका है। इसमें शुद्ध पानी भरकर फव्वारे लगाए जाएंगे। लाइटिंग से इसे सुंदर रूप दिया जाएगा।

महाकाल , केडी गेट और फ्रीगंज के पेड़ों को नया जीवन...
उद्यान समिति प्रभारी शिवेंद्र तिवारी के मुताबिक नगर वन नगर निगम द्वारा पहली बार चौड़ीकरण तथा निर्माण कार्यों के कारण विस्थापित हो गए हरे भरे पेड़ों को ट्रांसप्लांट किया है। नगर वन में महाकाल टनल, महाकाल मैदान और केडी गेट मार्ग चौड़ीकरण की जद में आए 3 पेड़ों को यहां शिफ्ट किया गया है। इसके अलावा दो अन्य पेड़ फ्रीगंज तथा छोटा सराफा क्षेत्र से आंधी तूफान के दौरान गिर गए थे। उन्हें फिर स्थापित किया गया। यह सभी फेल अब फिर से हारे होने लगे हैं तथा इनमें कोंपलें फूटने लगी है।
15 अगस्त से पहले शुभारंभ...
चामुंडा माता मंदिर के सामने इंदौर टेक्सटाइल मिल की जमीन पर नगर वन विकसित किया जा रहा है। यह शहर के बीच हरा भरा रमणीय स्थल होगा साथ ही इस क्षेत्र के वायु प्रदूषण को भी कम करेगा। इसके विकास का काम तेजी से चल रहा है और अंतिम चरण में पहुंच गया है। 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस से पूर्व इसके लोकार्पण की तैयारी है।
- शिवेंद्र तिवारी, एमआईसी सदस्य एवं प्रभारी उद्यान विभाग समिति,ननि उज्जैन