
उज्जैन.दैनिक मालवा हेराल्ड | गंगा दशहरा महोत्सव अंतर्गत श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा घाट नीलगंगा पर मंगलवार को देश भर से आए संत महंतों का शाही हुआ। वहीं शाम को नीलगंगा सरोवर स्थित मां नीलगंगा का पंचामृत अभिषेक कर महाआरती की गई।
श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के मुख्य संरक्षक श्रीमहंत हरिगिरी महाराज ने बताया कि गंगा दशहरा पर्व पर आयोजित अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के संयोजन में आयोजित पेशवाई में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत रवींद्र पुरी महाराज, जूना अखाड़ा के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी कपिल पुरी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी महेंद्र आनंद गिरि महाराज, महामंडलेश्वर श्रद्धा नंदगिरी माताजी, महामंडलेश्वर चेतन, आनंद गिरी माताजी, महामंडलेश्वर शैलेश आनंद गिरी, महामंडलेश्वर विवेकानंद पुरी, महामंडलेश्वर सुमन आनंद गिरी, महामंडलेश्वर मंदाकिनी, पुरी माता जी सहित जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर के साथ अखाड़े के सभापति श्रीमहंत प्रेम गिरी जी महाराज, पृथ्वी गिरि जी महाराज ,केदार पुरी जी महाराज, सचिव श्री महंत मोहन भारती महाराज, शैलेंद्र गिरी महाराज, महेश पुरी महाराज, दूज पुरी महाराज, बजरंग गिरी महाराज, महाकाल गिरी महाराज, वशिष्ठ गिरी महाराज, सहदेव आनंद गिरी महाराज, दर्शन गिरी महाराज, सभापति श्रीमहंत उमा शंकर भारती महाराज शामिल हुए।
श्रीमहंत हरिगिरी महाराज ने बताया कि सिहंस्थ पड़ाव स्थल नीलगंगा से पेशवाई प्रारंभ हुई जो नीलगंगा चौराहा होते हुए जूना अखाड़ा घाट पहुंची। यहां जूना अखाड़ा नीलगंगा के देवता का स्नान विधि विधान से हुआ। उसके बाद साधु संतों ने नीलगंगा सरोवर में स्नान किया। शाम को मां नीलगंगा की महा आरती के साथ ही संतों ओर भक्तजनों का विशाल भंडारा आयोजित किया गया। इंदौर से आए संगीत दल द्वारा शिव स्तुति एवं निनाद नृत्य अकादमी की बालिकाओं द्वारा गंगा स्तुति की प्रस्तुतियां हुई। नीलगंगा सरोवर में गंगा पूजन पश्चात शाम को मां नीलगंगा को 108 फीट की चुनरी अर्पण की गई। वहीं आतिशबाजी के साथ महा आरती का आयोजन हुआ।
सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों और शिप्रा शुद्धिकरण के मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की बैठक परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज की अध्यक्षता में 30 मई 2023 को सिहस्थ पड़ाव स्थल नीलगंगा पर हुई।