
7 Aug 2023
पूरे ठाठ बाट से निकली महाकालेश्वर की पांचवी सवारी, जगह-जगह पालकी पूजन
उज्जैन। महाकालेश्वर भगवान की कल सोमवार श्रावण-भादों माह में निकलने वाली सवारियों के क्रम में पांचवी सवारी निकली। सवारी में रजत जड़ित पालकी में भगवान महाकालेश्वर 5रूपों में प्रजा का हालचाल जानने निकले। इसमें चन्द्रमौलेश्ववर स्वरूप में भगवान रजत पालकी में विराजित रहे। जबकि हाथी पर श्री मनमहेश, गरूड रथ पर श्री शिव तांडव प्रतिमा, नंदी रथ पर श्री उमा महेश जी के मुखारविंद, डोल रथ पर श्री होलकर स्टेट का मुखारविंद विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकले।

भगवान श्री महाकालेश्वर की पांचवी सवारी पूरे ठाठ बाट के साथ सोमवार को सवारी निकली। शाम 4 बजे के लगभग महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में विधिवत भगवान चन्द्रमोलेश्वर का पूजन-अर्चन हुआ। इसके पश्चात अपनी प्रजा के हाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकले। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों के द्वारा पालकी में विराजित भगवान महाकालेश्वर के स्वरूप चन्द्रमोलेश्वर को सलामी दी। उसके पश्चात परंपरागत मार्ग से होते हुए सवारी क्षिप्रा तट रामघाट पहुंची। जहां पर भगवान महाकालेश्वर का क्षिप्रा के जल से अभिषेक एवं पूजा-अर्चन किया गया। पूजन-अर्चन के बाद सवारी निर्धारति मार्गों से होते हुए पुनः महाकालेश्वर मंदिर पहुंची।

मार्ग में श्रद्धालुओं ने जय श्री महाकाल के घोष के साथ पुष्प वर्षा की
भगवान श्री चन्द्रमोलेश्वर पालकी में सवार होकर अपनी प्रजा का हाल जानने और भक्तों को दर्शन देने के लिए नगर भ्रमण पर निकले। पालकी जैसे ही श्री महाकालेश्वर मंदिर के मुख्य् द्वार पर पहुंची सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में सवार श्री चन्द्रमोलेश्वर को सलामी (गार्ड ऑफ ऑनर) दी गई। सवारी मार्ग में स्थान-स्थान पर खडे श्रद्धालुओं ने जय श्री महाकाल के घोष के साथ उज्जैन नगरी के राजा भगवान श्री महाकालेश्वर पर पुष्पवर्षा की।

बाबा महाकाल की एक झलक के लिए असंख्य श्रद्धालु हुए आतुर
श्रावण के पाँचवे सोमवार पर भगवान की सवारी के दौरान पूरी नगरी शिवमय हो गई। श्री महाकालेश्वर भगवान की सवारी में हजारों भक्त झांझ, मंजीरे, डमरू, ढोल आदि वाद्य बजाते हुए महाकाल की आराधना करते हुए पालकी के साथ चल रहे थे। साथ ही उज्जैंन के बाहर से आये हुए भक्तगण बाबा महाकाल की एक झलक पाने के लिए उत्सुक थे। श्री महाकालेश्वर भगवान की सवारी महाकाल मंदिर से गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाडी होते हुए रामघाट पहुंची रामघाट पर श्री चन्द्रमोलेश्वर व श्री मनमहेश का मॉ क्षिप्रा के जल से अभिषेक पूजन किया गया। पूजन -अर्चन के बाद भगवान महाकाल की सवारी रामघाट से रामानुज कोट, मोढ की धर्मशाला, कार्तिकचौक, खाती का मंदिर, सत्येनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक होते हुए गोपाल मंदिर पहुंची।

श्री गोपाल मंदिर पर परंपरानुसार सिंधिया स्टेट की ओर से गोपाल मंदिर के पुजारी द्वारा पालकी में विराजित श्री चन्द्रमोलेश्वर का पूजन किया गया। इसके पश्चात सवारी गोपाल मंदिर से पटनी बाजार, गुदरी चौराहा होते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंची। श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में सभी विग्रहों के पूजन-आरती पश्चात सवारी का विश्राम हुआ।


षठम सवारी 14 अगस्त को निकलेगी। इस दौरान पालकी में श्री चन्द्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश, गरूड़ रथ पर शिवतांडव, नन्दी रथ पर उमा.महेश और डोल रथ पर होल्कर स्टेट के मुखारविंद के साथ श्री घटाटोप मुखोटा सम्मिलित रहेगा।

रात 12 बजे से लगने लगी थी कतारें...
सावन के पांचवे सोमवार पर भगवान महाकालेश्वर के दर्शन के लिए रात 12 बजे से ही श्रद्धालु लाइन में लग गए थे। तड़के 2:30 बजे महाकालेश्वर के कपाट खुले और जयकारों के साथ महाकाल मंदिर गूंज उठा। शाम 4:00 बजे बाबा महाकाल की पांचवी सवारी निकाली गई।
4 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे...

सावन के पांचवें सोमवार पर महाकालेश्वर के दर्शन के लिए 4 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। महाकाल के दर्शन के लिए रविवार रात 12 बजे से ही श्रद्धालु लाइन में लग गए थे। भस्म आरती के पश्चात बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे।
40 मिनट का दावा, एक से डेढ़ घंटा लगा..
महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अनुसार महाकाल के दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के सभी इंतजाम किए गए हैं। भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रबंध समिति द्वारा अतिरिक्त योजना भी बनाई गई। जिसमें महाकाल में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को मात्र 40 मिनट में ही दर्शन कराने का लक्ष्य रखा गया था परंतु श्रद्धालुओं को महाकाल दर्शन करने में एक से डेढ़ घंटे का समय लग रहा था।
चप्पे-चप्पे पर पुलिस, ऊंचे भवनों से भी निगरानी...
एसपी सचिन शर्मा के निर्देश पर पांचवी सवारी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए । सवारी में भीड़ नियंत्रण के लिए व्यवस्था की गई थी वहीं दूसरी ओर सवारी मार्ग में आने वाले 40 के लगभग ऊंचे मकानों की छतों से निगरानी रखी जा रही थी। इसके लिए उज्जैन सहित अन्य जिलों का पुलिस बल भी बुलाया गया था। इसके अतिरिक्त सवारी मार्ग के ऊपर ड्रोन कैमरों के जरिए भी निगरानी की जा रही थी।