
उज्जैन। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के असर से गैस आपूर्ति पर पड़े दबाव का असर अब शहर में भी दिखाई देने लगा है। उज्जैन में घरेलू उपयोग के लिए प्रतिदिन लगभग 12 हजार गैस टंकियों की खपत हो रही है। वहीं होटल, रेस्टोरेंट और अन्य निजी व्यावसायिक संस्थानों में घरेलू गैस के उपयोग पर सख्ती के बाद वैकल्पिक ईंधन की तलाश शुरू हो गई है।
गैस संकट के बीच खाद्य विभाग की सख्ती, होटल-रेस्टोरेंट अब डीजल भट्ठी, लकड़ी और कोयले की ओर मुड़े
खाद्य विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई करते हुए पूरे मध्य प्रदेश में अब तक करीब 97 हजार घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं। विभाग की टीमों द्वारा होटल और रेस्टोरेंट में घरेलू गैस के उपयोग को लेकर लगातार निरीक्षण किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार उज्जैन शहर में करीब दो हजार व्यावसायिक गैस कनेक्शन हैं, जबकि अधिकांश होटलों और रेस्टोरेंट में घरेलू गैस टंकियों का उपयोग किया जाता रहा है। हाल ही में गैस आपूर्ति में आई कमी के कारण एजेंसियों ने व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति सीमित कर दी है, जिससे होटल संचालकों के सामने संकट की स्थिति बन गई है। ऐसे में कई होटल और रेस्टोरेंट संचालक अब डीजल भट्ठी, लकड़ी, कोयला और इंडक्शन चूल्हों जैसे विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि गैस आपूर्ति की स्थिति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले समय में खाद्य पदार्थों के दाम भी बढ़ सकते हैं। इधर खाद्य विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार जिले में सात टीमों का गठन कर निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है और आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी।