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Ujjain News: उमा-महेश स्वरूप में भक्तों को बाबा महाकाल के दर्शन

उज्जैन। श्री महाकालेश्वर भगवान की श्रावण/भाद्रपद माह में निकलने वाली सवारी के क्रम सोमवार अधिकमास में चौथी सवारी निकाली गई । श्री महाकालेश्वर भगवान चतुर्थ सवारी में पालकी में श्री चन्द्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश, गरूड़ रथ पर शिवतांडव और नन्दी रथ पर उमा-महेश के स्वरूप में विराजित होकर अपनी प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकले । कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में मार्ग के दोनों और लगे बेरिकेड्स के बीच में सवारी निकाली गई। इस दौरान सवारी का इंतजार कर रहे बेरिकेड्स के पीछे खडे श्रद्धालुओं ने पालकी के सामने आने पर दोनों हाथ उठाकर जय श्री महाकाल के उद्घोष के साथ भगवान का अभिवादन किया।


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प्रबंध समिति के प्रशासक संदीप कुमार सोनी ने बताया श्री महाकालेश्वर भगवान की सवारी निकलने के पूर्व श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में माखन सिंह चौहान केबिनेट मंत्री व अध्यक्ष मध्यप्रदेश तीर्थ स्थान एवं मेला विकास प्राधिकरण के साथ संत एवं जनप्रतिनिधियों,प्रशासनिक अधिकारियों ने सभामंडप में भगवान श्री चन्‍द्रमोलेश्‍वर का पूजन-अर्चन किया । पूजन शासकीय पुजारी पं. घनश्‍याम शर्मा ने संपन्‍न कराया। इसके उपरांत सभी गणमान्यजनों ने पालकी को कंधा देकर नगर भ्रमण हेतु रवाना किया। कहारों के कांधों पर पालकी  जैसे ही मंदिर के मुख्‍य द्वार पर पहुंची वहां सशस्‍त्र पुलिस बल के जवानों ने पालकी में विराजित भगवान को सलामी (गार्ड ऑफ ऑनर) दिया गया।उसके पश्चात सवारी परंपरागत मार्ग महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार और कहारवाडी से होती हुई परंपरागत मार्ग से रामघाट पहुची । यहां पर क्षिप्रा नदी के जल से भगवान का अभिषेक और पूजन-अर्चन किया गया।इसी दौरान शिप्रा तट के दुसरी और से शैव संप्रदाय के  श्री पंचायती दशनाम जूना अखाड़ा  की और से वहीं से भगवान की आरती पूरे वैभव के साथ की गई।इसके बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ की धर्मशाला, कार्तिक चौक खाती का मंदिर, सत्यीनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार से होती हुई पुन: श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंची। श्री सिंधिया देव स्थान ट्रस्ट के श्री गोपाल मंदिर के समक्ष सवारी के पहुचने  पर रियासतकालीन पूजन आरती मंदिर के पूजारियों ने की।मंदिर समिति ने देश विदेश में रहने वाले भगवान के भक्तों के लिए सवारी का लाईव प्रसारण श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के फेसबुक पेज पर भी किया।


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श्रावण मास की चौथी सवारी महाकालेश्वर मंदिर से शाम 4 बजे निकाली गई। बाबा महाकाल ने भक्तों को उमा महेश स्वरूप में दर्शन दिए। चौथी सवारी की सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त थी और ड्रोन से नजर रखी जा रही थी।


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12 ज्योतिर्लिंगों में विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल की नगरी में प्राचीन काल से सावन भादो महोत्सव मनाया जा रहा है जिसमें बाबा महाकाल पालकी में सवार होकर अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए नगर भ्रमण करते हैं। 31 जुलाई को श्रावण मास का चौथा सोमवार होने पर शाम 4:00 बजे महाकालेश्वर मंदिर बाबा महाकाल की सवारी निकाली गई। इस बार बाबा ने भक्तों को उमा महेश स्वरूप में दर्शन दिए। सावन मास के पिछले तीन सोमवार पर निकाली गई सवारी में शामिल बाबा के स्वरूप चंद्रमौलेश्वर, मन महेश, और शिव तांडव भी हाथी रथ और गरुड़ पर विराजित थे। 2 दिन पहले जिस तरह से एक युवक द्वारा सवारी निकाल कर दिखाने की चुनौती दी थी उसे देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। सवारी मार्ग पर ऊंची बिल्डिंग पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी वही सवारी के दौरान एक हजार से अधिक पुलिसकर्मी मौजूद थे। अर्ध सैनिक बल की एक टुकड़ी भी सुरक्षा में बाबा महाकाल की पालकी के आसपास चल रही थी। पूरे सवारी मार्ग पर ड्रोन से नजर रखी जा रही थी। बाबा के नगर भ्रमण से पहले महाकाल सभा मंडपम में बाबा महाकाल का आवाहन अखाड़े के महामंडलेश्वर अतुलेशानंद, कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम, महापौर मुकेश टटवाल और भाजपा नेता माखन सिंह ने सवारी का पूजन किया। एसपी सचिन शर्मा, कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम और नगर निगम कमिश्नर रोशन सिंह तीनों घोड़े पर बैठकर सवारी के आगे चल रहे हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु सवारी में शामिल हुए है। जगह-जगह बाबा महाकाल का पूजन-अर्चन किया जा रहा है। बाबा महाकाल के स्वागत के लिए सवारी मार्ग पर जगह-जगह रंगोली बनाई गई है।

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