
12 Aug 2023
एसडीईआरएफ की टीम 24 घंटे कर रही पेट्रोलिंग
उज्जैन। शिप्रा नदी में शुक्रवार तड़के 4 बजे युवक को डूबता देख पेट्रोलिंग कर रहे जवान ने छलांग लगा दी। कुछ देर में ही युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। शिप्रा नदी में प्रतिदिन हद से होना सामने आ रहे हैं बावजूद इसके सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किया जा रहे हैं।

श्रावण मास के साथ अधिक मास में देशभर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंच रहे हैं और शिप्रा नदी पर हादसा का नहान किया जा रहा है। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को शिप्रा नदी की गहराई का अंदेशा नहीं होने पर प्रतिदिन हादसे होना सामने आ रहे हैं। शुक्रवार तड़के 4 बजे भोपाल से परिवार के साथ आया 17 वर्षीय युवक ज्ञान प्रजापत नहाते समय पैर फिसलने पर गहराई में चला गया। परिवार ने उसे डूबता देख तो शोर मचाया इस दौरान घाट पर तैनात एसडीईआरएफ के जवान महेश प्रजापत ने युवक को बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। इतना घबरा गया था कि उसने जवान का गला पकड़ लिया जिसके चलते जवान को उसे बचाने के लिए कुछ देर तक मशक्कत करना पड़ गई तभी जवान का सपोर्ट करने के लिए एक अन्य गोताखोर ने नदी में गोता लगाया और युवक को बचाकर बाहर ले आए। विदित हो कि गुरुवार शाम देवास के हाटपिपलिया से आई रेखा बाई पति कैलाश यादव भी शिप्रा नदी स्थित आरती द्वारा के समीप नदी की गहराई में चली गई थी जिसे होमगार्ड के जवान श्याम सिंह चावड़ा और दीपक ने छलांग लगाकर बचाया था। बारिश के चलते शिप्रा का जलस्तर पिछले 1 माह से काफी बढ़ा हुआ है और लगातार बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ हादसे होना सामने आ रहे हैं। प्रतिदिन होमगार्ड और एसडीईआरएफ टीम द्वारा 4 से 5 श्रद्धालुओं को डूबने से बचाया जा रहा है बावजूद इसके प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं के साथ होने वाली घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं किया जा रहे हैं। कुछ माह पहले श्रद्धालुओं की लगातार डूबने से हुई मौत के बाद महापौर और प्रशासनिक अमला रामघाट पर पहुंचा था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की बात कही थी लेकिन अब तक कोई कारगर योजना पर अमल नहीं किया जा सका है।