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Ujjain News: मानसून की दस्तक से क्षिप्रा का जलस्तर बढ़ा

13 Jul 2023

गंभीर डैम में भरा क्षमता का लगभग 20% पानी

उज्जैन। मानसून की दस्तक के बाद पहली बार बुधवार सुबह शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ता हुआ दिखाई दिया है। रामघाट पर बने मंदिरों में पानी पहुंच चुका था। सुरक्षा की दृष्टि से श्रद्धालुओं को स्नान से रोका जा रहा है। दत्त अखाड़ा से रामघाट की ओर आने वाली छोटी रपट का आवागमन बंद कर दिया गया है। बारिश के चलते जल स्त्रोत के सबसे बड़े साधन गंभीर डेम में भी पानी की आवक शुरू हो गई है।


मंगलवार दोपहर बाद मानसून की पहली झमाझम बारिश शुरू हुई थी। डेढ़ घंटे में 2 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई। रात भर रिमझिम का दौर चलता रहा। बाबा महाकाल की नगरी में हुई बारिश के बाद बुधवार सुबह शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया था। कुछ देर में ही राम घाट पर बने मंदिरों में पानी भरना शुरू हो गया था। शिप्रा नदी की छोटी रपट से 3 फीट ऊपर पानी शाम तक बहता रहा। प्रशासन ने शिप्रा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए श्रद्धालुओं को घाटो पर स्नान से रोकना शुरू कर दिया था। दत्त अखाड़ा से रामघाट की ओर आने वाली छोटी रपट के दोनों और बैरिकेट्स लगाकर आवागमन रोक दिया गया था। शिप्रा का जलस्तर छोटे पुल से नीचे बह रहा था। होमगार्ड और एनडीआरएफ की टीम को अलर्ट कर दिया गया है जो शिप्रा के घाटों पर लगातार पेट्रोलिंग कर रही है और बढ़ते जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। साल भर बाद शिप्रा नदी प्रवाहमान दिखाई दे रही थी। शहर के साथ ही देवास इंदौर में भी तेज बारिश हुई थी जिसके चलते कान्ह नदी का जल स्तर भी बढ़ गया है। इंदौर रोड स्थित त्रिवेणी नवग्रह शनि मंदिर के आगे कान्ह नदी पर बना मिट्टी का कच्चा स्टाफ डेम दरक गया। जिसका पानी शिप्रा में मिलता दिखाई दे रहा था।

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484 एमसीएफटी पहुंचा गंभीर का लेवल

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मंगलवार को जोरदार बारिश के बाद शहर के जल प्रदाय का सबसे बड़ा स्त्रोत गंभीर डेम मंगलवार शाम तक 379 एमपीएफटी पानी संग्रहित किए हुए था जिसका जल स्तर भी बुधवार अल सुबह से बढ़ना शुरू हो गया था। गंभीर डेम के आसपास केचमेंट एरिया में हुई बारिश के बाद तेजी से पानी की आवक हुई है। सुबह डेम का लेवल 449 एमसीएफटी पहुंच गया था। गौरतलब हो कि गंभीर की क्षमता 2250 एमसीएफटी है जिससे पूरे वर्ष भर शहर में जल प्रदाय किया जाता है। मई माह में जल स्तर कम होने पर नगर निगम द्वारा 1 दिन छोड़ जल प्रदाय का निर्णय लिया था। जिसके बाद से सभी को झमाझम बारिश का इंतजार बना हुआ था जिससे गंभीर डेम अपनी क्षमता को पूरा कर सकें। नगर निगम द्वारा जून माह में जन सहयोग से गंभीर के गहरीकरण का काम भी किया है।

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मुरलीपुरा से निकली चंद्रभागा नदी

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शिप्रा नदी के समकक्ष चंद्रभागा नदी का स्वरूप भी है। जॉब बड़नगर मार्ग मुरलीपुरा क्षेत्र में है। 2 माह पहले चंद्रभागा को मूल स्वरूप में लाने के लिए पूर्व निगम सभापति सोनू गहलोत ने अपने प्रयासों और जन सहयोग से चंद्रभागा नदी का गहरीकरण और सफाई अभियान शुरू किया था। मंगलवार को हुई बारिश के बाद चंद्रभागा नदी में भी पानी तेज रफ्तार से बहता हुआ दिखाई दिया।

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