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Ujjain News : महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि रात 10 बजे 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

उज्जैन। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर बाबा महाकाल की नगरी में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर के पट देर रात 2:30 बजे खोल दिए गए थे और रात 11:00 बजे तक दर्शन का सिलसिला लगातार जारी रहा। पहले 7 घंटों में ही लगभग 1 लाख 30 हजार से अधिक भक्तों ने दर्शन किए थे, वहीं शाम 5:00 बजे तक यह आंकड़ा बढ़कर 3,96,278 तक पहुंच गया था। जबकि देर रात तक यह संख्या 5 लाख के पार पहुंच चुकी थी। वहीं आज वर्ष में एक बार भगवान महाकाल दोपहर में भस्म रमाएंगे।

महाशिवरात्रि पर महाकालेश्वर मंदिर के पट लगातार 44 घंटे खुले रहेंगे। आज 16 फरवरी को रात्रि 10:30 बजे शयन आरती के साथ पट बंद होंगे। इस दौरान विशेष पूजन-अभिषेक, आरती और श्रृंगार का क्रम निरंतर जारी है। वहीं आज भगवान महाकालेश्वर दोपहर 12:00 बजे भस्म रमाएंगे। इसके पहले आज सुबह 10:00 बजे तक दर्शनों का सिलसिला लगातार चलेगा और फिर हम श्रद्धालुओं का प्रवेश रोक दिया जाएगा। दोपहर की भस्म आरती के बाद दोपहर 2:00 बजे से एक बार फिर सेहरा दर्शन शुरू हो जाएंगे।


दूल्हा रूप में सजे बाबा महाकाल


रविवार को महाशिवरात्रि के दिन भस्म आरती के साथ धार्मिक आयोजनों की की शुरुआत हुई। तड़के भस्मारती के बाद भगवान का पंचामृत स्नान कराया गया और उन्हें दूल्हा स्वरूप में विशेष श्रृंगार किया गया। गर्भगृह एवं नंदी हॉल को विदेशी फूलों और आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया। दर्शन के लिए निर्धारित 2.5 किलोमीटर लंबा रूट बनाया गया था। प्रशासन ने 25 मिनट में दर्शन कराने का दावा किया था, हालांकि भारी भीड़ के चलते श्रद्धालुओं को लगभग एक से डेढ़ घंटे तक प्रतीक्षा करनी पड़ रही थी। सामान्य दर्शन गणेश एवं कार्तिकेय मंडप से चलते-चलते कराए जा रहे थे।


दिनभर चला विशेष पूजन


महाशिवरात्रि पर सुबह 7:30 से 8:15 बजे दद्योदक आरती हुई। 10:30 से 11:15 बजे भोग आरती तथा इसके बाद दोपहर 12 बजे उज्जैन तहसील द्वारा पूजन-अभिषेक किया गया। शाम 4 बजे होल्कर एवं सिंधिया स्टेट द्वारा पूजन हुआ और शाम 7 से 10 बजे कोटितीर्थ कुंड पर कोटेश्वर महादेव पूजन व सेहरा श्रृंगार हुआ। सायं आरती में भगवान को गर्म मीठे दूध का भोग अर्पित किया गया।


वर्ष में एक बार दिन में भस्म आरती


महाशिवरात्रि की रात्रि 11 बजे से 16 फरवरी प्रातः 6 बजे तक महाअभिषेक, एकादश-एकादशनी रुद्रपाठ एवं विशेष मंत्रोच्चार के साथ पूजन होगा। पंचामृत अभिषेक में 101 लीटर दूध, 31 किलो दही, 21 किलो खांडसारी,

21 किलो शहद तथा 15 किलो घी से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद वर्ष में एक बार होने वाली दोपहर 12 बजे भस्म आरती होगी।


10 दिनों से चल रहा शिव नवरात्रि उत्सव


महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में शिव नवरात्रि उत्सव 6 फरवरी (फाल्गुन कृष्ण पंचमी) से प्रारंभ होकर 16 फरवरी तक मनाया जा रहा है। बारह ज्योतिर्लिंगों में यह एकमात्र स्थान है जहां शिव नवरात्रि विशेष उत्सव के रूप में आयोजित होती है।

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