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Ujjain News: सप्तऋषि प्रतिमाएं क्षतिग्रस्त होने के मामले दायर जनहित याचिका रद्द

उज्जैन।इंदौर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने महाकाल महालोक की मूर्तियों के क्षतिग्रस्त होने के मामले में दायर जनहित याचिका को शुक्रवार को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि याचिका विधिक नियमों के तहत सुनवाई योग्य नहीं है।


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महाकाल महालोक में मूर्तियों के क्षतिग्रस्त होने के मामले में दायर जनहित याचिका पर शुक्रवार को इंदौर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के समक्ष सुनवाई हुई थी। याचिकाकर्ता केके मिश्रा की ओर से सीनियर एडवोकेट अजय बागडिय़ा ने दलीलें रखी थी। वहीं सुनवाई में शासन की ओर से सीनियर एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह और एडिशनल एडवोकेट जनरल आनंद सोनी ने तर्क रखे कि वह याचिकाकर्ता कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता है। यह याचिका आने वाले समय में विधानसभा चुनाव के लिए माइलेज हासिल करने के लिए लगाई गई है, जो विधिक नियमों के तहत सुनवाई योग्य नहीं है।


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हाईकोर्ट इंदौर डबल बैंच ने सुनवाई के दौरान यह पाया कि मिश्रा कांग्रेस के प्रवक्ता हैं, जो जनहित याचिका के विविध नियमों के तहत सही नहीं है। दूसरा यह है कि मामले में लोकायुक्त ने खुद संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। ऐसे में इस याचिका में उठाए गए मामले में आगे सुनवाई की जरूरत नहीं है। अभी लोकायुक्त की जांच रिपोर्ट भी आना बाकी है। इसके आधार पर डबल बैंच ने याचिका खारिज कर दी।


शासन प्रशासन समेत एक दर्जन से अधिक को बनाया था पार्टी...


याचिका में केके मिश्रा ने मप्र शासन, नगरीय प्रशासन विभाग, संभागायुक्त उज्जैन, कलेक्टर उज्जैन, एसपी उज्जैन, टीआई महाकाल थाना उज्जैन, डायरेक्टर मेला कार्यालय, मेसर्स एमपी बाबरिया, मारूतीनंदन सोसायटी, मेसर्स डीएच पटले, मेसर्स गायत्री इलेक्ट्रिकल को पार्टी बनाया था।


भ्रष्टाचार के जिम्मेदारों पर केस दर्ज की थी मांग....


उन्होंने याचिका में कहा था कि इस मामले की हाईकोर्ट के रिटायर जज की कमेटी द्वारा जांच कराई जाना चाहिए, इसमें भ्रष्टाचार हुआ है और यह आपराधिक षडयंत्र हुआ है। सभी जिम्मेदारों को सस्पेंड किया जाना चाहिए। कंपनियों को ऑडिट के बिना आगे पेमेंट नहीं किया जाए। साथ ही जिम्मेदारों पर आपराधिक केस होना चाहिए।

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