
21 Aug 2023
सातवीं सवारी में लाखों भक्तों की भीड़ उमड़ी, कई रास्ते पर लगा जाम
उज्जैन। महाकालेश्वर भगवान की सातवीं सवारी सोमवार शाम को निकली। इस दौरान पालकी में श्री चन्द्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश, गरूड़ रथ पर शिवतांडव, नन्दी रथ पर उमा महेश और डोल रथ पर होल्कर स्टेट के मुखारविंद, श्री घटाटोप मुखौटा व श्री जटाशंकर मुखारविंद के दर्शन लाखों भक्तों ने किए। सवारी से पहले शहर के कई रास्तों पर दिन भर जाम लगता रहा।
महाकालेश्वर की सातवीं सवारी सोमवार को पूरे लाव लश्कर के साथ निकली। इस बार सवारी में भगवान महाकालेश्वर जटाशंकर स्वरूप मैं भक्तों को दर्शन देने पहुंचे। महाकालेश्वर भगवान की श्रावण भाद्रपद माह में निकलने वाली सवारी के क्रम में सातवीं सवारी शाम 4:00 बजे निकली । सवारी में महाकाल के सात स्वरूप निकले। इस बार जटाशंकर स्वरूप भी शामिल रहा। महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक एवं अपर कलेक्टर संदीप कुमार सोनी ने बताया कि श्री महाकालेश्वर भगवान की सप्तम सवारी सोमवार को निकली। इस दौरान पालकी में श्री चन्द्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश, गरूड़ रथ पर शिवतांडव, नन्दी रथ पर उमा महेश और डोल रथ पर होल्कर स्टेट के मुखारविंद, श्री घटाटोप मुखौटा व श्री जटाशंकर मुखारविंद सम्मिलित रहे। श्री महाकालेश्वर भगवान की सवारी निकलने के पूर्व श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर का विधिवत पूजन-अर्चन हुआ। उसके पश्चात भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकले। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में विराजित भगवान को सलामी दी गई। उसके बाद सवारी परंपरागत मार्ग महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार और कहारवाड़ी से होती हुई रामघाट पहुंची। जहां शिप्रा नदी के जल से भगवान का अभिषेक और पूजन-अर्चन किया गया। इसके बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ की धर्मशाला, कार्तिक चौक खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार से होती हुई पुन: श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंची।