
उज्जैन। मंगलवार को दोपहर में लगभग 2 घंटे जमकर पानी गिरा। इस दौरान करीब सवा इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। इसी दौरान राम घाट पर मेन नाला ओवरफ्लो हो गया। इधर जूना सोमवार या में भी एक पुराना मकान ढह गया।
बारिश शुरू होने से लगभग 2 महीने पहले नगर निगम ने शहर के बड़े नालों की सफाई का काम शुरू करने का दावा किया था। इन दावों की पोल अब बरसात में धीरे-धीरे खुलने लगी है। बारिश के सीजन में राम घाट स्थित मेन बड़ा नाला मंगलवार को दूसरी बार बरसते पानी में ओवरफ्लो हो गया। नाले से निकल रहे गंदे पानी का वेग इतना तेज था कि यह किसी विशाल फव्वारे जैसा दिखाई दे रहा था। पिछले महीने भी जब मानसून की शुरुआत हुई थी तब भी यह नाला ओवरफ्लो हो गया था और राम घाट पर फुल प्रसादी की दुकान से लेकर घाट पर बैठे तीर्थ पुरोहितों का सामान तक अचानक ओवरफ्लो हुए नाले के पानी में बह गया था। इतना ही नहीं उस समय शिप्रा में स्नान कर रहे लोग भी नदी में नाली का पानी आता देख बाहर निकल कर भाग खड़े हुए थे। यही स्थिति मंगलवार को भी बनी। शाम 4 बजे के लगभग अचानक यह नाला उड़ने लगा और इसका सारा दूषित और गंदा पानी शिप्रा में मिलता रहा। तीर्थ पुरोहितों का कहना था कि अगर यह स्थिति सोमवार को सवारी के दौरान बनती है तो बड़ी समस्या खड़ी हो जाती। दावों के बावजूद नगर निगम द्वारा शहर के बड़े नाले साफ नहीं किए गए। इसके कारण अब यह स्थिति बन रही है।
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14 इंच पार पहुंचा आंकड़ा
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वेधशाला से मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार शाम तक 2 घंटे की बारिश में 30.4 मिली मीटर अर्थात 1.19 इंच बरसात रिकॉर्ड की गई। इसे मिलाकर मंगलवार शाम 5:00 बजे तक उज्जैन शहरी क्षेत्र में कुल 14.55 इंच पानी बरस चुका था।
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भरभरा कर गिरा मकान
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मंगलवार को इसी बारिश के बीच वार्ड क्रमांक 13 के अंतर्गत आने वाले जूना सोमवार या क्षेत्र में गली नंबर 2 के अंदर बना वर्षों पुराना मकान अचानक बारिश में भरभरा कर गिर गया। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि जिस समय मकान गिरा उस समय घर में परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। इस कारण कोई जनहानि नहीं हुई। शहर के आंतरिक भागों में भी ऐसे कई वर्षों पुराने जर्जर मकान है। जिनपर नगर निगम द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा।