
उज्जैन। श्रावण मास के चौथे सोमवार को आज सुबह से ही शिवालयों में श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ी हुई है। धार्मिक नगरी उज्जैन में महाकाल बाबा का विशेष श्रंगार किया गया है। शाम को भगवान महाकाल की चौथी सवारी धूमधाम से निकलेगी।
श्रावण मास में महाकाल हर सोमवार को अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकलते हैं।मंदिर प्रबंधन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, श्रावण मास का आज चौथा सोमवार है और महाकाल की विशेष सवारी निकलेगी। पालकी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, बैलगाड़ी में गरुड़ पर शिव-तांडव एवं बैल पर उमा-महेश के स्वरूप में विराजमान होकर उज्जैन की प्रजा का हाल जानने निकलेंगे।
भगवान महाकालेश्वर की चौथी सवारी महाकाल मंदिर से शुरू होकर महाकाल रोड, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए रामघाट पहुंचेगी। जहां पूजन होने के बाद सवारी परंपरागत मार्ग से होती हुई महाकालेश्वर मंदिर में वापस आएगी।
सवारी से पूर्व मंदिर के सभामंडप में महाकालेश्वर भगवान का पूजन किया जाएगा। उसके बाद सवारी नगर भ्रमण पर रवाना होगी। आज चौथी सवारी में भी चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान लगाया गया है। शहर तथा विशेषकर सवारी मार्ग में पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पिछले सोमवार की तरह इस बार भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा और पूरे सवारी मार्ग पर ड्रोन कैमरे से नजर रखी जाएगी। सवारी को लेकर 1 दिन पहले रविवार को अधिकारियों ने सवारी मार्ग का दौरा भी किया था।
राम घाट पर जमी हुई थी गाद...
उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह उज्जैन तथा आसपास के क्षेत्रों में हुई तेज बारिश के कारण शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ गया था और रामघाट से लेकर छोटे पुल तक घाट डूबे रहे। पिछले तीन-चार दिनों से बारिश का क्रम रुका हुआ था। इसके चलते शिप्रा में बाढ़ का पानी भी उतर गया लेकिन रविवार को रामघाट सहित आसपास के क्षेत्र में चारों और गांव ही गाद जमी हुई थी। आज शाम को 5:00 बजे पालकी रामघाट पहुंचेगी जहां शिप्रा के जल से भगवान महाकाल का अभिषेक पूजन किया जाएगा। ऐसे में नगर निगम को आज सुबह से ही घाटों की धुलाई में लगना होगा। अन्यथा शाम को पालकी पूजन में परेशानी आएगी।