
2 Aug 2023
शिप्रा छोटे पुल से ऊपर, गंभीर डेम के खोलें दो गेट
उज्जैन। अगस्त माह का पहला दिन भी तेज बारिश लेकर आया है। सोमवार मंगलवार रात 12 बजे शुरू हुई बारिश दिन भर होती रही। 18 घंटे में ढाई इंच बारिश दर्ज की गई है मंगलवार को अधिकतम तापमान 2 डिग्री की गिरावट आई है।
4 जुलाई को श्रावण मास की शुरुआत होने के बाद से मानसून की सक्रियता बनी हुई है और तेजी से औसतन आंकड़े की ओर कदम बढ़ते दिखाई दे रहा है। मंगलवार को अगस्त माह की शुरुआत होने से पहले रात 12 बजे बाद हल्की बारिश शुरू हो गई थी जो तड़के 4 बजे झमाझम बरसती दिखाई दी जिसके बाद उसे दोपहर 2 बजे तक बारिश का सिलसिला चलता रहा। फिर बारिश की रफ्तार धीमी पड़ गई इस बीच शाम 6 बजे 18 घंटे में ढाई इंच से अधिक बारिश जीवाजीराव वेधशाला पर दर्ज की गई। वेधशाला अधीक्षक राजेंद्र कुमार गुप्त के अनुसार अब तक 30 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। औसतन आंकड़े में अब 6 इंच की जरूरत है और रह गई। वर्षा काल को 1 माह का समय शेष बचा है इस बार औसतन से अधिक बारिश दर्ज होने की संभावना बनी हुई है।
जान जोखिम में डाल कर निकलते रहे लोग
तड़के शुरू हुई तेज बारिश के बाद शिप्रा नदी का जलस्तर भी तेजी के साथ बढ़ने लगा था सुबह 9 बजे छोटे पुल के ऊपर से पानी गुजरता दिखाई देने लगा था करीब 2 फीट ऊपर पहुंच चुके पानी के बीच से लोग अपने वाहन भी निकालते रहे। कई लोग तो जान जोखिम में डाल पैदल पुल पार करते दिखाई दे रहे थे जिन्हें रोकने के लिए होमगार्ड सैनिक पहुंचे थे लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं थे। दोपहर में बैरिकेट्स लगाकर पुल का आवागमन बंद कर दिया गया था वही शिप्रा में स्नान के लिए पहुंच रहे लोगों को भी सावधान किया जा रहा था। शिप्रा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही शहर के कई क्षेत्रों में भी सुबह के समय स्थिति जलजमाव वाली दिखाई दी लेकिन रुक-रुक कर हो रही बारिश के चलते हालात ज्यादा नहीं बिगड़े।
गंभीर के दो गेट खोले, एक बंद किया
रात में हुई तेज बारिश के बाद गंभीर डेम के कैचमेंट एरिया में जमा पानी तेजी के साथ डेम में आना शुरू हो गया था। पहले ही अपनी क्षमता को पार कर चुके गंभीर डेम का लेवल मेंटेन करने के लिए रात में दो गेट कुछ मीटर के लिए खोल दिए गए थे। दोपहर बाद एक गेट को बंद कर दिया गया। डेम प्रभारी अशोक शुक्ला के अनुसार शाम तक गेट नंबर 3 डेढ़ मीटर खुला हुआ था और गंभीर का लेवल मेंटेन किया जा रहा था। 2250 एनसीएफटी वाले गंभीर डेम का लेवल दो हजार एनसीएफटी के आसपास मेंटेन रखा जा रहा है। अपनी क्षमता को पार कर चुके गंभीर डेम से अब प्रतिदिन शहर में जल प्रदाय शुरू कर दिया गया है।