
उज्जैन।अपना परिसर-अपनी बिजली की योजना में उज्जैन जिले ने इंदौर को छोड़ अन्य जिलों को पीछे कर दिया है। इस मामले में उज्जैन जिला इंदौर के बाद दूसरे नंबर पर है। मालवा के साथ-साथ निमाड़ के लोगों में भी सौर ऊर्जा के प्रति विश्वास बढ़ रहा है।
सूरज की रोशनी से बिजली बनाने की योजना में शासन भी रूफ टॉप सोलर नेट मीटर में मदद दे रहा। निम्नदाब कनेक्शन वाले 8850 एवं उच्चदाब वाले 350 से ज्यादा परिसरों में पैनल्स लगाकर बिजली तैयार की जा रही है। सूरज की मदद से इंदौर में कुल 5900 स्थानों पर बिजली बन रही है। वहीं उज्जैन 1200 के आंकड़ों के साथ मालवा-निमाड़ में दूसरे नंबर पर है। रतलाम तीसरे, खरगोन चौथे, धार पांचवें और नीमच जिला बिजली बनाने में छठे स्थान पर है। मालवा क्षेत्र में रूफ टॉप सोलर नेट मीटर को अपनाने वालों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। मालवा में 8500 से ज्यादा स्थानों पर सूरज की किरणों से पैनल्स के माध्यम से बिजली तैयार हो रही है, जबकि निमाड़ में करीब 700 परिसरों में सौर ऊर्जा से बिजली तैयार हो रही है। इस तरह संपूर्ण बिजली कंपनी क्षेत्र में 9200 से ज्यादा स्थानों पर सूरज की किरणों से बिजली बन रही हैं। सूरज से बिजली बनाने वालों की संख्या में प्रतिदिन वृद्धि दर्ज हो रही है।
सूरज की किरणों से बिजली हो रही तैयार...
निम्नदाब कनेक्शन वाले 8850 एवं उच्चदाब वाले 350 से ज्यादा परिसरों में पैनल्स लगाकर सूरज की किरणों से बिजली तैयार की जा रही है। जुलाई एवं अगस्त में बारिश के दिनों में भी इन सभी स्थानों पर बिजली बनी है। इस तरह ये सौर पैनल्स वर्षभर बिजली देने में कारगर साबित हो रहे है।
एक नजर उज्जैन तथा अन्य जिलों पर..
जिला – पैनल संख्या
इंदौर – 5900
उज्जैन – 1200
रतलाम – 395
खरगोन – 310
धार – 290
नीमच – 224
अन्य जिलों में 25 से लेकर 200 स्थानों पर रूफ टॉप सोलर नेट मीटर लगे हैं।