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चांद पर उतरा चंद्रयान-3 का विक्रम लैंडर

उज्जैन। बीती शाम भारत ने इतिहास रच दिया । चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर ने चंद्रमा के साउथ पोल पर सफलतापूर्वक लैंडिग कर ली। चांद के इस हिस्से में यान उतारने वाला भारत पहला देश बन गया है। जबकि चांद के किसी भी हिस्से में यान उतारने वाला चौथा देश बन गया है। टीवी पर जैसे ही सफलतापूर्वक लैंडिंग की खबर चली तो उज्जैन में भी जश्न मंदिर लगा और लोगों ने खुशी में पटाखे फोड़ एक दूसरे को बधाइयां दी।


चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर सफलतापूर्वक लैंडिंग के बाद अब सभी को विक्रम लैंडर से प्रज्ञान रोवर के बाहर आने का इंतजार है। धूल का गुबार शांत होने के बाद यह बाहर आएगा। विक्रम और प्रज्ञान एक-दूसरे की फोटो खींचेंगे और पृथ्वी पर भेजेंगे।


रूस का यान रास्ता भटक गया था...


भारत से पहले रूस चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लूना-25 यान उतारने वाला था। 21 अगस्त को यह लैंडिंग होनी थी, लेकिन आखिरी ऑर्बिट बदलते समय रास्ते से भटक गया और चांद की सतह पर क्रैश हो गया।


चंद्रयान-3 आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा से 14 जुलाई को 3 बजकर 35 मिनट पर लॉन्च हुआ था। इसे चांद की सतह पर लैंडिंग करने में 41 दिन का समय लगा। धरती से चांद की कुल दूरी 3 लाख 84 हजार किलोमीटर है।


लैंडिंग के बाद अब यह होगा चांद पर..


डस्ट सेटल होने के बाद विक्रम चालू होगा और कम्युनिकेट करेगा।

फिर रैंप खुलेगा और प्रज्ञान रोवर रैंप से चांद की सतह पर आएगा।

पहिए चांद की मिट्‌टी पर अशोक स्तंभ और ISRO के लोगो की छाप छोड़ेंगे।

विक्रम लैंडर प्रज्ञान की फोटो खींचेगा और प्रज्ञान विक्रम की। ये फोटो वे पृथ्वी पर भेजेंगे।


घंटों टीवी के आगे बैठे रहे शहर वासी....


चंद्रयान 3 की लैंडिंग का समय शाम का निर्धारित था। लेकिन दोपहर से ही शहर के लोग जिज्ञासा के चलते टीवी के सामने बैठ गए थे। बुधवार को स्कूलों में विद्यार्थियों को बुलाया गया था और वहां इसका सीधा प्रसारण भी किया जा रहा था। जैसे ही लोगों ने टेलीविजन पर चंद्रयान तीन की लैंडिंग देखी। वैसे ही जश्न शुरू हो गया और कुछ समय के लिए शहर में पटाखे गुंजने लगे। इसके बाद से लगातार सोशल मीडिया पर भी एक दूसरे को बधाई देने का दौर शुरू हो गया था।

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