
उज्जैन। अमर शहीद स्व. गजेन्द्र राव सुर्वे के नाम का उज्जैन सिविल अस्पताल के सामने सुदामा नगर पर गेट बना हुआ था इसे एमपीआरडीसी के अफसरों के निर्देश पर ठेकेदार ने तोड़ दिया। खबर से इलाके में आक्रोश फैल गया। विरोध स्वरूप कांग्रेसी नेता धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि शहीद के नाम का द्वारा तोड़कर भाजपा ने 15 अगस्त का तोहफा दिया है।
शुक्रवार को उक्त गेट तोड़े जाने की सूचना मिलते ही कांग्रेस शहर अध्यक्ष रवि भदौरिया , नगर निगम नेता प्रतिपक्ष रवि राय के नेतृत्व में कांग्रेसी नेता धरने पर बैठ गए। कांग्रेस नेता रवि भदोरिया ने आरोप लगाते हुए कहा कि भू माफिया को लाभ पहुंचाने के लिए एमपीआरडीसी ने शहीद के नाम का गेट तोड़ा है।
यह 15 अगस्त पर भाजपा का तोहफा उज्जैन के लोगों को मिला है। रवि राय का कहना है कि जब तक नगर निगम एमपी आरडीसी लिखकर नहीं देगा कि गेट को फिर से बनाया जाएगा तब तक कांग्रेस नेता धरना समाप्त नहीं करेंगे। कांग्रेस नेताओं के धरने पर बैठने की सूचना पर पुलिस बल मौके पर पहुंच गया ठेकेदार के कर्मचारियों का कहना है कि उनके अफसर आकर बताएंगे गेट किसके कहने पर और क्यों तोड़ा गया। दावा किया जा रहा है कि विनोद मिल के श्रमिकों के घर तोड़ कर खाली कराई गई जमीन करोड़ों रुपए में उज्जैन के नेताओं ने खरीदी है। धरने पर कांग्रेस शहर अध्यक्ष रवि भदोरिया, नेता प्रतिपक्ष रवि राय आदि मौजूद थे।