
उज्जैन। पत्नी और बेटे की चाकू से गोदकर हत्या करने वाले को 43 माह बाद न्यायालय ने सुनवाई पूरी होने पर दोहरा आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी बस चालक था।
चिमनगंज थाना क्षेत्र के संजयनगर में 7 नवम्बर 2019 को रात 12 बजे एक मकान से सरिता और उसके पुत्र अभय की खून से सनी लाश बरामद हुई थी। जांच में सामने आया था कि सरिता का पति अनिल यादव से विवाद हुआ था। अनिल के किसी दूसरी महिला से अवैध संबंध थे। इसी बात पर उसने सरिता पर चाकू से कई वार कर दिये थे, बीच बचाव में आये पुत्र को भी मार डाला था। दोनों के बीच विवाद की आवाज आसपास के लोगों ने सुनी थी। उस वक्त चिमनगंज थाने का प्रभार टीआई जितेन्द्र भास्कर के पास था, उन्होने मामले में 8 नवम्बर 2019 को अनिल यादव के खिलाफ हत्या की धारा 302 में प्रकरण दर्ज किया था। अनिल घटना के बाद बाइक पर सवार होकर भाग था। जिसकी तलाश कर उसे गिरफ्तार किया गया। पत्नी-बेटे की हत्या में प्रयुक्त चाकू भी जब्त किया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर अभियोग पत्र प्रस्तुत करने के बाद 43 माह चली सुनवाई पूरी होने पर शनिवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आर. के. वाणी ने फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोहरा आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 20 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। पूरे प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी जिला लोक अभियोजन अधिकारी राजेन्द्र खाण्डेगर द्वारा की गई।
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मंगलसूत्र लूटने वालों को 10 साल की सजा
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बिरलाग्राम थाने के टेम्पल गेस्ट हाऊस से नागदा सिटी जाने वाले मार्ग पर 11 सितंबर 2021 को रश्मी नामक महिला के गले से बाइक पर सवार 2 बदमाशों ने सोने का मंगलसूत्र लूटने की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने वारदात करने वाले चेतन पिता गुलाबसिंह 25 वर्ष निवासी ग्राम लेकोडिया और विशाल पिता किशनलाल 22 वर्ष निवासी दुर्गापुरा को तीन दिन बाद गिरफ्तार कर 50 हजार कीमत का मंगलसूत्र और लूट में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की थी। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश कर चालान प्रस्तुत किया था। 21 माह बाद दोनों को नागदा अपर सत्र न्यायाधीश वंदना राज पांडेय ने फैसला सुनाते हुये 10-10 साल की सजा से दंडित किया है। शासन की ओर से पैरवी एडीपीओ रेवतसिंह ठाकुर द्वारा की गई।