
दैनिक मालवा हेराल्ड | महाकालेश्वर मंदिर के नाम पर भिन्न भिन्न सोशल मीडिया पर ढेर सारे अकाउंट सक्रिय है, इससे धार्मिक लोगों में भ्रम की स्तिथि बनी हुई है | कई बार इन अकाउंटो पर अधिक से अधिक संख्या में फालोवर जोड़कर उसका इस्तमाल भ्रामक प्रचार में किया जाता है | साइबर ठग भी इसी तरह के अकाउंट का इस्तमाल करके लोगों का नुकसान करते हैं | ऐसी परिस्तिथि सोशल मीडिया उस संस्था के वेरीफाईड अकाउंट ना होने के कारण बनती है | महाकालेश्वर मंदिर के संदर्भ में भी लगभग सामान स्तिथि है |
महाकाल लोक बनने से उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर की ख्याति देश-विदेश में फ़ैल रही है | एक सर्वे के मुताबिक पिछले वर्ष देश में सर्वाधिक धार्मिक पर्यटक तिरुपति बालाजी के बाद उज्जैन भ्रमण के लिए आये | प्रधानमंत्री मोदी की मंशा देश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की है और मुख्यमंत्री शिवराज चौहान की अगवाई में उज्जैन उनकी अपेक्षाओं पर शत प्रतिशत खरा उतरा है | आज उज्जैन धार्मिक पर्यटक के क्षेत्र में सम्पूर्ण विश्व में नई ऊंचाईयां छू रहा है | उज्जैन की इस कामयाबी का श्रेय हमारे प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच और मुख्यमंत्री शिवराज चौहान द्वारा समय समय पर लिए हुए निर्णयों को जाता है |
चूँकि उज्जैन बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, तो देश-विदेश के ठगों की निगाहें भी उज्जैन पर आ टिकीं हैं | पिछले कुछ महिनों में उज्जैन से जुड़ी साइबर क्राइम की वारदातों में बहुत तेज़ी देखने को मिली है |
महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन से लोगों की जुड़ी आस्था और ब्रांडिंग का केंद्र बिंदु है, महाकाल लोक बनने से उज्जैन को एक नई पहचान मिली है | प्रधानमंत्री मोदी के उज्जैन दौरे के बाद से कई विदेशी नागरिक महाकाल लोक की छवि को निहारने उज्जैन आयें हैं | 2016 सिंहस्थ के पहले से सोशल मीडिया पर उज्जैन का प्रचार प्रसार शुरू हुआ था उसी दौरान सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर महाकाल मंदिर से जुड़े अकाउंट खोले गए थे | इन्हें संचालित करने के लिए महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने एक आईटी टीम भी गठित की थी | इस आईटी टीम का काम सोशल मीडिया से जुड़े अकाउंटो का ध्यान रखना और ख़बर एवं सूचनाएं प्रसारित करना है | किन्तु सोशल मीडिया पर आज की तारीख में महाकालेश्वर मंदिर के नाम से ढेरों अकाउंट उपलब्ध है इससे आमजनों में भ्रम की स्तिथि बनी हुई है | साइबर ठग इसका भरपूर फ़ायदा उठा रहे हैं, उनके हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने ज्यादातर अकाउंट पर मंदिर की अधिकृत वेबसाइट का भी उल्लेख किया हुआ है |
महाकालेश्वर मंदिर में बैठी आईटी टीम आज तक किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपने अकाउंट सत्यापित नहीं करा पाई है |
इसका खामियाजा देश विदेश की जनता को भुगतना पड़ता है, वे मंदिर से जुड़ने की आशा में किसी भी फ़र्ज़ी अकाउंट को फॉलो कर बैठते हैं | ऐसा एक मामला हाल ही में देखने को आया है इंस्टाग्राम ने महाकाल मंदिर से जुड़े एक अकाउंट को ससपेंड किया है |
महाकालेश्वर मंदिर की आईटी टीम जिनके पास स्वयं का कोई वेरीफाईड अकाउंट नहीं है किन्तु उन्होंने अकाउंट के ससपेंड होने का श्रेय ले लिया | उन्होंने स्थानीय मीडिया को बताया की अकाउंट उनकी अनुशंषा से ही निरस्त हुआ है | हालाँकि हमारा मुद्दा फ़र्ज़ी अकाउंटो
को रोकने से जुड़ा है जिसके लिए हमने साइबर विशेषज्ञों से चर्चा भी की | उन्होंने वेरीफाईड अकाउंट को जागरूकता फ़ैलाने का सही तरीका बताया | साइबर क्राइम को रोकने का सबसे सरल तरीका जागरूकता फैलाना है, इससे लोगों को ठगी का शिकार बनने से बचाया जा सकता है |