
उज्जैन/दुष्यंत वर्मा/मालवा हेराल्ड । भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली उज्जैन में गुरुवार से ही जन्माष्टमी की धूम शुरू हो गई। पं रूपम व्यास ने बताया कि सबसे पहले रात 12 बजे सांदीपनि आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। यहां जन्म आरती हुई। शुक्रवार को दिनभर नंदोत्सव मनाया गया।
गुरुवार की मध्य रात 12 बजे उनके शिक्षण स्थल सांदीपनि आश्रम में जन्मआरती की गई। जन्माष्टमी के मुख्य कार्यक्रम शुक्रवार को हुए। गोपाल मंदिर पर शुक्रवार शाम 7 बजे अभिषेक एवं शृंगार के लिए पट बंद रहें। रात 12.10 बजे आरती और पूजा हुई।
इसके पहले शुक्रवार को दिनभर पट खुले रहें। गुरुवार रात गोपाल मंदिर पर भजन संध्या भी हुई। इधर इस्कॉन मंदिर में गुरुवार से ही जन्माष्टमी पर चार दिनी पर्व की शुरुआत हो गई थी। श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का दो दिवसीय उत्सव गुरुवार से शुरू हो चुका है। गोपाल मंदिर, इस्कॉन मंदिर आकर्षक विद्युत रोशनी से जगमगा रहे हैं। मंदिरों में फूलों की सजावट लुभा रही है। जयकारे गूंज रहे हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।