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इतना परेशान तो जनता तब भी नहीं हुई थी

उज्जैन.दैनिक मालवा हेराल्ड । पूरा इंदौर रोड शहरी मार्ग लगभग 2 घंटे से बंद है हर मोड़ पर पहरेदार खड़े हैं और क्यों ना हो ? नेपाल के प्रधानमंत्री उज्जैन आये हैं | 'अतिथि देवो भव' की परंपरा का निर्वाह करते हुए पूरी गर्मजोशी से उनका सम्मान किया गया | वो जिस मार्ग से निकले उस मार्ग को बंद कर दिया गया | हर चौराहे पर पुलिस का पहरा, लंबी से गाड़ियों की कतार सुरक्षा के अचूक इंतजाम इसी भी देश से आये मेहमान को प्रभावित करते हैं |

नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड आज उज्जैन आये | उन्होंने गर्भगृह में पहुँच कर महाकाल दर्शन एवं पूजन किया | हमारी टीम जनता के बीच पहुँची तो देखा कि लम्बा जाम लगा है | भरी धूप में खड़ा सिपाही जनता से सिर्फ एक निवदेन कर रहा है कि पांच मिनट के लिए रूक जाईये काफिला निकल जाएगा | यहाँ बूढ़े-बच्चे महिलाएं सभी उसकी बात पर खड़े हैं किन्तु 30 मिनट से अधिक समय निकल जाने पर भी रास्ता नहीं खुलता है | मौके पर भीड़ को रोके सिपाही के पास तो एक वायर लेस सेट तक नहीं है फिर उसे सही सूचना कैसे मिलेगी ?


एक बात तो माननी पड़ेगी कि महाकाल लोक के बनने के बाद से उज्जैन बदल गया है पिछले 6 माह में प्रधानमंत्री, विपक्ष का सबसे बड़ा नेता और आज तो पडोसी देश के प्रधानमंत्री उज्जैन पधारे, गर्व की बात है शहरवासियों के लिए | किन्तु एक बात और है जो विचारणीय है - तेज़ी से बढ़ते इस शहर में भविष्य की योजनाओं का आभाव है | वी वी आई पी कल्चर तो देश में समाप्त नहीं हो सकता ये सब मानते हैं | बड़े से इस देश में इतनी जनसंख्या के बीच सुरक्षा के लिए वी वी आई पी को सुविधा देना जरूरी है |


महाकाल मंदिर के समीप हेलीपेड का निर्माण करके वी वी आई पी को सीधे मंदिर पहुंचाया जा सकता है ये बात कोई नहीं करता जबकि उज्जैन के समीप हवाईअड्डा बनाने की बात सभी करते हैं | इन्दौर का हवाईअड्डा महाकाल मंदिर से मात्र 50 किलोमीटर की दूरी पर है तो दताना में 20 किलोमीटर दूर एक और हवाईअड्डा बनाने से क्या नया हो जाएगा ? इन्दौर से वाराणसी के लिए आज भी सीधी हवाई सेवा उपलब्ध नहीं है जबकि वाराणसी पिछले 50 से अधिक वर्षों से विश्व धार्मिक पर्यटन में अग्रणी नाम है | बनारस से उज्जैन आने के लिए लोगों को पहले प्रयागराज आना पड़ता है फिर सीधी हवाई सेवा उज्जैन के लिए इन्दौर तक मिलती है |


दूसरा सवाल इन्दौर में दो क्रिकेट स्टेडियम हैं क्यूँ कोई उज्जैन में क्रिकेट स्टेडियम बनाने के बारे में पहल नहीं करता ? देश में इश्वर के बाद क्रिकेट खिलाडियों को पूजा जाता | देश को जनता खेलों सबसे ज्यादा क्रिकेट से प्रभावित है तो उज्जैन के विकास के लिए तो एक क्रिकेट स्टेडियम भी बनता है |


मुद्दे की बात ये है कि जब कुछ बड़े आयोजन शहर में होने लगेंगे तो आम जनता को वी वी आई पी के लिए रुकने की आदत भी पड़ जाएगी या हो सकता है उनके लिए अलग से रस्ते का निर्माण ही कर दिया जाए | आज का उज्जैन वी वी आई पी के लिए महाकाल मंदिर के समीप हेलीपेड और शहर में एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम मांग रहा है अब देखने की बात ये है कि जनप्रतिनिधियों में से कौन इन मुद्दों को सबसे पहले केंद्र और राज्य सरकार तक पहुंचाता है |

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