
8 Aug 2023
आवेदकों को प्रतिस्पर्धा का दिया हवाला, एसएमएस भेजें
उज्जैन। विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी इन दिनों चर्चाओं में है। क्योंकि उन्होंने हाल ही में प्राधिकरण के नानाखेड़ा स्थित नवनिर्मित कॉन्प्लेक्स में ऑफिस आवंटन के लिए आए 6 टेंडर निरस्त कर दिए। इसके पीछे प्रतिस्पर्धा नहीं होना कारण बताया गया।
उल्लेखनीय है कि उज्जैन विकास प्राधिकरण ने नानाखेड़ा स्तिथ श्यामा प्रसाद मुखर्जी कांपलेक्स में टेंडर निकाल कर ऑफिसों के लिए निविदा आमंत्रित की थी, जिसमें लोगों नें बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया पर सीईओ संदीप सोनी पर आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने गुपचुप तरीके से 6 आफिसों के टेंडर निरस्त कर दिए, कारण बताया सिंगल टेंडर, जबकि विकास प्राधिकरण में इसके पहले 2 आवास मेले लगे उसमे पूर्व के अधिकारी ने सिंगल टेंडर को स्वीकृति दी थी। जबकि इस बार सीईओ सोनी नें प्रतिस्पर्धा नहीं होने को निरस्ती का आधार बनाया । सीईओ सोनी का अब तक का कार्यकाल शुरू से ही विवादों से घिरा रहा हैँ। विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इनकी कार्यप्रणाली से प्राधिकरण में निवेशकों में सरकार की छवि को लेकर ग़लत सन्देश जा रहा हैँ और इनकी मनमानी के कारण प्रदेश भाजपा सरकार और उनकी नीतिया कटघरे में खड़ी हो रही है। सूत्रों का यहां तक कहना है कि सीईओ द्वारा निरस्त किए गए छे टेंडर के पीछे पर्दे के पीछे से लाभ कमाने की मंशा भी हो सकती है। हालांकि वे इन सारे आरोपों को नकार रहे हैं।
इनका कहना है
श्यामा प्रसाद मुखर्जी कंपलेक्स में ऑफिस आवंटन प्रक्रिया में 6 टेंडर आए थे। यह सभी सिंगल थे। टेंडर प्रक्रिया का मतलब प्रतिस्पर्धा करना होता है। 1-1 टेंडर आने से स्पर्धा नहीं हुई। इस कारण इसे निरस्त किया गया। जिनके टेंडर निरस्त हुए उन्हें एसएमएस कर जानकारी दी गई है।
संदीप सोनी, सीईओ, उज्जैन विकास प्राधिकरण