
7 Aug 2023
केवल महाकाल सवारी वाले दिन ही वाहनों की आवाजाही रहती है प्रतिबंधित
उज्जैन। सावन मास शुरू होने से पहले जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए महाकाल मंदिर क्षेत्र में ई-रिक्शा की संख्या नियंत्रित करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए थे। उसके बाद केवल सोमवार के दिन महाकाल मंदिर क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित की जा रही है। शेष 6 दिनों में उक्त क्षेत्र में ई-रिक्शा वाहनों की आवाजाही पर कोई रोक-टोक नहीं है।
पिछले माह 4 जुलाई से सावन महीने की शुरुआत हो गई थी। इसी के साथ महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं का बड़ी तादाद में आवागमन शुरू हो गया था। तब से लेकर अब तक महाकालेश्वर मंदिर में रोजाना हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। भगवान महाकालेश्वर की 4 सवारियां भी निकल चुकी है। सोमवार को महाकाल दर्शन तथा सवारी देखने आए श्रद्धालुओं का आंकड़ा चार लाख से ऊपर पहुंच रहा है। सावन महीने के सोमवार को छोड़कर शेष 6 दिनों में भी 40 से 50 हजार श्रद्धालु रोजाना महाकाल दर्शन कर रहे हैं। सावन माह में भीड़ के अनुमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूर्व तैयारियों के दौरान स्पष्ट निर्देश जैसे कि विशेषकर महाकाल मंदिर क्षेत्र में पूरे सावन माह में ई-रिक्शा वाहनों की संख्या को नियंत्रित रखा जाएगा। इसके लिए कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने आरटीओ तथा यातायात विभाग को महाकाल क्षेत्र में ई-रिक्शा की संख्या निर्धारित करने, उन्हें यूनिक आईडी नंबर देने, पार्किंग स्थान निर्धारित करने आदि निर्देश दिए थे। लेकिन महाकाल मंदिर क्षेत्र में केवल सोमवार के दिन ही ई-रिक्शा समेत अन्य वाहनों को प्रतिबंधित किया जा रहा है। शेष दिनों में इस तरह का कोई प्रतिबंध महाकाल क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही पर नहीं लगाया गया है। इस कारण क्षेत्र में श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है।
100 से 5 हजार पार हो गई ई रिक्शा...
उल्लेखनीय है कि पर्यावरण सुरक्षा के उद्देश्य से उज्जैन में क्लीन उज्जैन ग्रीन उज्जैन कांसेप्ट के तहत ई-रिक्शा का संचालन शुरू हुआ था। सिंहस्थ 2016 के दौरान शहर में बमुश्किल लगभग 100 ई-रिक्शा वाहन चलना शुरू हुए थे। धीरे-धीरे इनकी तादाद बढ़ने लगी और पिछले 6 वर्षों में इनकी तादाद बढ़कर 5000 से अधिक हो गई है। इसके विपरीत आरटीओ में लगभग 3200 ई-रिक्शा का ही पंजीयन है। हालांकि अब जिला प्रशासन का रवैया नई ई रिक्शा को लेकर रवैया कुछ शब्द हुआ है।
वेरिफिकेशन नहीं,नाबालिक भी चला रहे...
शहर में ई-रिक्शा की भरमार हो गई है। मुख्य मार्गो से लेकर गलियों तक में समूह के साथ ई-रिक्शा खड़े नजर आते हैं। महाकाल मंदिर क्षेत्र में तो चारों ओर श्रद्धालुओं को ई रिक्शा चालक की घेरे रहते हैं। यही हाल ऑटो रिक्शा का भी है। इनके कारण महाकाल क्षेत्र तथा पूरे शहर में अधिकांश समय सड़कों पर जाम की स्थिति बनती रहती है। हैरत की बात यह है कि ज्यादातर ई रिक्शा चालकों का पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं है और कई नाबालिग भी ई रिक्शा वाहन चला रहे हैं। पिछले दिनों शहर में ई-रिक्शा पलटने की दो दुर्घटनाएं भी हो चुकी है।
प्रतिबंधित करना हमारे अधिकार में नहीं..
शहर तथा विशेषकर महाकालेश्वर मंदिर क्षेत्र में ई-रिक्शा वाहनों की आवाजाही तथा अधिक संख्या पर नियंत्रण को लेकर आरटीओ संतोष मालवीय चर्चा की गई तो उनका कहना था कि ई-रिक्शा वाहनों को किसी भी स्थान पर प्रतिबंधित किया जाना उनके क्षेत्राधिकार में नहीं है। यह अधिकार जिला प्रशासन को है। जिला प्रशासन द्वारा अगर कोई आदेश जारी किया जाता है तो उसका नियमानुसार पालन कराया जाएगा।